IIT admission without JEE Main: आईआईटी यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान माने जाते हैं. आमतौर पर यहां बीटेक में दाखिले के लिए जेईई मेन और फिर जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है. लेकिन क्या बिना जेईई मेन दिए भी आईआईटी में पढ़ाई संभव है? इसका जवाब है.
इस प्रक्रिया के बिना पारंपरिक बीटेक में दाखिला संभव नहीं
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बीटेक जैसे अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश के लिए जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड अनिवार्य हैं. इस प्रक्रिया के बिना पारंपरिक बीटेक में दाखिला संभव नहीं है. हालांकि आईआईटी केवल बीटेक ही नहीं, बल्कि कई अन्य कोर्स भी संचालित करते हैं, जिनमें प्रवेश के अलग-अलग मानदंड हैं.
पोस्टग्रेजुएट कोर्स (एमटेक, एमएस, एमबीए)
आईआईटी में एमटेक या एमएस जैसे कोर्स में दाखिले के लिए जेईई मेन की जरूरत नहीं होती. इसके लिए मुख्य रूप से GATE (ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग) स्कोर मान्य होता है. इसी तरह आईआईटी के मैनेजमेंट विभागों में एमबीए के लिए CAT स्कोर के आधार पर प्रवेश दिया जाता है. यानी ग्रेजुएशन के बाद छात्र बिना जेईई मेन दिए आईआईटी में पढ़ाई कर सकते हैं.
आईआईटी में पीएचडी में प्रवेश के लिए भी जेईई मेन जरूरी नहीं
आईआईटी में पीएचडी में प्रवेश के लिए भी जेईई मेन जरूरी नहीं है. इसके लिए संबंधित विषय में मास्टर डिग्री, GATE/NET या संस्थान द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन होता है. कई मामलों में संस्थान सीधे इंटरव्यू प्रक्रिया के माध्यम से भी चयन करते हैं.
डिजाइन और अन्य विशेष कोर्स
आईआईटी में डिजाइन से जुड़े कोर्स (जैसे आईआईटी बॉम्बे का IDC स्कूल ऑफ डिजाइन) में प्रवेश के लिए UCEED या CEED जैसी अलग परीक्षाएं होती हैं. ये परीक्षाएं जेईई मेन से अलग होती हैं. इसके अलावा कुछ आईआईटी ऑनलाइन सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी चलाते हैं, जिनमें प्रवेश के लिए जेईई की आवश्यकता नहीं होती.
विदेशी छात्रों और विशेष श्रेणी प्रवेश
कुछ आईआईटी विदेशी नागरिकों या अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अलग प्रवेश प्रक्रिया अपनाते हैं. इसके तहत अंतरराष्ट्रीय परीक्षा स्कोर या अलग मूल्यांकन प्रणाली के आधार पर प्रवेश दिया जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई छात्र 12वीं के बाद सीधे बीटेक करना चाहता है, तो जेईई मेन और एडवांस्ड का रास्ता ही मुख्य माध्यम है. लेकिन यदि लक्ष्य आईआईटी में किसी भी रूप में पढ़ाई करना है, तो पोस्टग्रेजुएट, रिसर्च या विशेष कोर्स के जरिए यह संभव है.