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Nasbandi ke baad pregnancy: क्या नसबंदी के बाद भी हो सकता है गर्भधारण? जानिए सर्जरी रिवर्सल और प्रेग्नेंसी की वास्तविक संभावना

By: Ranjana Sharma | Published: February 12, 2026 2:15:00 PM IST



Nasbandi ke baad pregnancy : परिवार नियोजन के स्थायी उपाय के तौर पर महिलाओं की नसबंदी (ट्यूबल लिगेशन) को सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है. इस प्रक्रिया में फैलोपियन ट्यूब को बांध दिया या काट दिया जाता है, ताकि अंडाणु और शुक्राणु का मिलन न हो सके. आम धारणा है कि नसबंदी के बाद गर्भधारण संभव नहीं होता, लेकिन चिकित्सा विज्ञान बताता है कि कुछ दुर्लभ परिस्थितियों में गर्भावस्था की संभावना पूरी तरह शून्य नहीं होती.

नसबंदी 99 प्रतिशत होती है प्रभावी 

स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार नसबंदी 99 प्रतिशत से अधिक प्रभावी मानी जाती है. फिर भी बहुत कम मामलों में ट्यूब दोबारा जुड़ सकती हैं या सर्जरी पूरी तरह सफल न हो पाए. ऐसे मामलों में गर्भधारण संभव हो सकता है. हालांकि यह संभावना बेहद कम होती है. डॉक्टर यह भी बताते हैं कि नसबंदी के बाद यदि गर्भ ठहरता है, तो एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ) का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है, जो एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है.

उम्र बढ़ने के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता कम होती है

कई महिलाएं जीवन की परिस्थितियां बदलने पर नसबंदी को उलटने यानी ट्यूबल रिवर्सल सर्जरी के बारे में सोचती हैं. डाक्टर्स का कहना है कि नसबंदी को कुछ मामलों में माइक्रोसर्जरी के जरिए दोबारा जोड़ा जा सकता है. लेकिन इसकी सफलता कई बातों पर निर्भर करती है—जैसे महिला की उम्र, नसबंदी के समय अपनाई गई तकनीक, ट्यूब की बची हुई लंबाई और समग्र प्रजनन स्वास्थ्य. डॉक्टरों के मुताबिक 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में रिवर्सल सर्जरी के बाद गर्भधारण की संभावना अपेक्षाकृत बेहतर होती है. उम्र बढ़ने के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता कम होती है, जिससे सफलता दर घट सकती है. आमतौर पर ट्यूबल रिवर्सल के बाद गर्भधारण की सफलता दर 40 से 80 प्रतिशत के बीच बताई जाती है, लेकिन यह व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करती है.

आईवीएफ हो सकता है विकल्प

यदि रिवर्सल सर्जरी संभव न हो या सफल न हो, तो आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक विकल्प हो सकता है. इसमें अंडाणु और शुक्राणु को शरीर के बाहर निषेचित कर भ्रूण को सीधे गर्भाशय में स्थापित किया जाता है. जिन महिलाओं की ट्यूब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, उनके लिए यह प्रभावी विकल्प माना जाता है. विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि नसबंदी कराने से पहले दंपति को पूरी तरह सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि इसे स्थायी उपाय माना जाता है. भविष्य में संतान की इच्छा की संभावना हो तो अस्थायी गर्भनिरोधक तरीकों पर विचार करना बेहतर हो सकता है.

नसबंदी के बाद गर्भधारण पूरी तरह असंभव नहीं

स्पष्ट है कि नसबंदी के बाद गर्भधारण की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन पूरी तरह असंभव नहीं. वहीं रिवर्सल सर्जरी और आधुनिक प्रजनन तकनीकों ने कुछ मामलों में दोबारा मां बनने का अवसर भी दिया है. किसी भी निर्णय से पहले योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जाता है.

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