Manali Toll Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि हिमाचल प्रदेश के मनाली–मंडी हाईवे पर कुछ लोग फर्जी तरीके से वाहनों से पैसे वसूल रहे हैं. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग चमकीले सेफ्टी जैकेट पहनकर सड़क पर गाड़ियों को रोक रहे हैं और चालकों से 300 रुपये ले रहे हैं. आरोप है कि वे नकली रसीदें देकर ये रकम वसूल रहे हैं.
ये वीडियो एक्स (पहले ट्विटर) पर निखिल सैनी नाम के एक यूजर ने शेयर किया. इसके बाद ये क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.
वायरल हुआ वीडियो
वीडियो एक कार के अंदर से रिकॉर्ड किया गया है. इसमें कुछ लोग व्यस्त हाईवे पर निजी गाड़ियों को साइड में रोकते हुए नजर आते हैं. वे हाई-विजिबिलिटी जैकेट पहने हुए हैं और आत्मविश्वास के साथ वाहनों को रुकने का इशारा कर रहे हैं.
वीडियो में दिखता है कि ये लोग गाड़ी चालकों से नकद 300 रुपये ले रहे हैं और बदले में एक छपी हुई रसीद दे रहे हैं. रसीद पर ‘Traffic Control Camp’ लिखा हुआ है और उसमें ‘Received a Sum Rs 300/-‘ जैसी बातें छपी हैं. साथ ही यात्रियों के सेफ सफर की शुभकामनाएं भी लिखी हैं, जिससे रसीद पहली नजर में ऑफिशियल लगती है. कई ड्राइवर असमंजस में नजर आते हैं, लेकिन फिर भी पैसे दे देते हैं. ऐसा लगता है कि वे इसे ट्रैफिक व्यवस्था या सुरक्षा जांच से जुड़ा शुल्क समझ रहे हैं.
Almost 300 to 400 rupees is already paid as toll between Mandi and Manali these days. Then who are these fake collectors charging another 300 rupees and for what purpose? Where are the authorities? Can anyone just stand on the road with a printed slip and start extorting money… pic.twitter.com/CXjXht3Aq2
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) February 10, 2026
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
वीडियो पर जो टेक्स्ट जोड़ा गया है, उसमें इन लोगों को फर्जी बताया गया है और उनकी ओर से गाड़ियां रोकने व पैसे लेने के अधिकार पर सवाल उठाया गया है. वीडियो शेयर करते हुए निखिल सैनी ने पूछा कि एक पर्यटन मार्ग पर इस तरह की चीजें खुलेआम कैसे चल सकती है. उन्होंने कहा कि यात्री पहले ही टोल टैक्स देते हैं, ऐसे में ये अतिरिक्त वसूली किस आधार पर की जा रही है. उन्होंने हिमाचल पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की.
लोगों में नाराजगी
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई लोगों ने इसे दिनदहाड़े वसूली बताया. कुछ ने सवाल उठाया कि हाईवे पर निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. कुछ यूजर्स ने ये भी दावा किया कि पर्यटन सीजन के दौरान इस तरह की गैर-ऑफिशियल वसूली की घटनाएं बढ़ जाती हैं.