Colonel Seema Mishra: सैनिक स्कूल भारतीय सेना के तहत चलाए जाते है. सेना अपने एजुकेशन कोर के जरिए नियमित रूप से अपने अधिकारियों को अलग-अलग स्कूल में ट्रांसफर करती है. हाल ही में लखनऊ में कैप्टन मनोज कुमार पांडे उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल में पहली बार एक महिला सेना अधिकारी को नियुक्त किया गया है. 47 साल की कर्नल सीमा मिश्रा ने स्कूल की प्रिंसिपल का पद संभालकर इतिहास रच दिया है. वह इस प्रतिष्ठित 65 साल पुराने संस्थान की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी है.
कर्नल सीमा मिश्रा ने कर्नल राजेश राघव से पदभार संभाला है. जो जनवरी 2021 से इस पद पर थे. उनकी नियुक्ति को 30 अक्टूबर को सैनिक स्कूल सोसाइटी (रक्षा मंत्रालय के तहत) द्वारा जारी एक आदेश के तहत दो साल के डेपुटेशन के लिए मंज़ूरी दी गई थी.
स्कूल की स्थापना 1960 में हुई
उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल की स्थापना 1960 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद ने की थी. स्कूल को 2018 में तब प्रसिद्धि मिली जब यह भारत का पहला सैनिक स्कूल बना जिसने लड़कियों को कैडेट के रूप में एडमिशन दिया जाता है. इसकी शुरुआत 15 छात्राओं से हुई थी.
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22 साल का सैन्य और शैक्षिक अनुभव
कर्नल मिश्रा 2003 में आर्मी एजुकेशनल कोर में शामिल हुई थी. उनके पास 22 साल का लंबा सेवा अनुभव है. यूपी सैनिक स्कूल में शामिल होने से पहले वह नेशनल मिलिट्री स्कूल बेलगाम में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सैनिक स्कूल कपूरथला में वाइस-प्रिंसिपल और इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून में इंस्ट्रक्टर के पद पर तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी थी. उनकी सेवाओं के लिए उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया है.
NDA में ज़्यादा कैडेट भेजना प्राथमिक लक्ष्य
अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कर्नल मिश्रा ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में ज़्यादा से ज़्यादा कैडेट्स का सिलेक्शन सुनिश्चित करना है. उन्होंने आश्वासन दिया कि वह लड़कों और लड़कियों दोनों को समान अवसर प्रदान करेंगी और उनकी तैयारी को मजबूत करेंगी. स्कूल ने परेड और बैंड प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन किया है.
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कर्नल मिश्रा ने बताया कि 26 जनवरी को लखनऊ में हुई गणतंत्र दिवस परेड में सैनिक स्कूल बैंड को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग स्कूल बैंड के रूप में चुना गया था. जबकि स्कूल की मार्चिंग टुकड़ी ने तीसरा स्थान हासिल किया है. इसके अलावा 6 फरवरी को स्कूल का एक डेलिगेशन गवर्नर से मिला है. जिसमें आठ कैडेट शामिल थे जो NDA में शामिल होंगे, जिनमें दो महिला कैडेट भी थी. कर्नल सीमा मिश्रा की लीडरशिप न सिर्फ स्कूल के लिए बल्कि देश में मिलिट्री एजुकेशन में महिला लीडरशिप के लिए भी एक प्रेरणादायक अध्याय साबित हो रही है.