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PLA में हड़कंप! शी जिनपिंग के करीबी जनरल को किया बर्खास्त, परमाणु मिसाइलों में ईंधन की जगह निकला पानी!

Corruption in the Chinese army: अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी चीन में तैनात कुछ चीनी परमाणु मिसाइलों में ईंधन की जगह पानी भरा हुआ था.

By: Shubahm Srivastava | Published: February 2, 2026 7:30:44 PM IST



Xi Jinping Action On PLA: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते चीनी सेना में वरिष्ठ जनरलों को बर्खास्त कर रहे हैं. जिनपिंग ने पिछले कुछ वर्षों से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चला रखा हैं. अब इसी कड़ी में एक अमेरिकी खुफिया खुलासे ने सभी को हैरान कर दिया है. अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक  पश्चिमी चीन में तैनात कुछ चीनी परमाणु मिसाइलों में ईंधन की जगह पानी भरा हुआ था. अगर इन मिसाइलों को लॉन्च किया जाता, तो वे उड़ान ही नहीं भर पातीं. इस गंभीर चूक और भ्रष्टाचार के चलते चीनी रॉकेट फोर्स के प्रमुख जनरल झांग यूक्सिया को पद से हटा दिया गया.

राष्ट्रपति जिनपिंग के करीबी हैं जनरल झांग

जनरल झांग यूक्सिया चीन के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली सैन्य अधिकारियों में से एक थे. वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाते थे और केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) में शी के बाद दूसरे सबसे ताकतवर अधिकारी थे. केंद्रीय सैन्य आयोग चीन का सर्वोच्च सैन्य नेतृत्व निकाय है, जो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, पीपुल्स आर्म्ड पुलिस और मिलिशिया ऑफ चाइना पर नियंत्रण रखता है. सेना से जुड़े सभी बड़े फैसले इसी आयोग के जरिए लिए जाते हैं, इसलिए झांग यूक्सिया की बर्खास्तगी को बेहद अहम माना जा रहा है.

जनरल झांग पर लगे हैं कई गंभीर आरोप

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, जनरल झांग यूक्सिया को 19 जनवरी को हिरासत में लिया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने चीन के परमाणु हथियारों से जुड़ा संवेदनशील डेटा अमेरिका को लीक किया, प्रमोशन के बदले रिश्वत ली और PLA की युद्ध तैयारियों से समझौता किया. चीनी सेना के आधिकारिक मुखपत्र PLA डेली में भी भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने की बात कही गई है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक, लेख में कहा गया कि सैन्य खर्च में हेरफेर करने वाले “बड़े चूहों” की जड़ से जांच और सफाया किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे युद्ध क्षमताएं कमजोर होती हैं.

चीनी मिसाइलों में ईंधन की जगह भरा हुआ था पानी

इस पूरे मामले की जड़ चीनी रॉकेट फोर्स में सामने आए गंभीर भ्रष्टाचार से जुड़ी है. ब्लूमबर्ग की 2024 की एक रिपोर्ट में अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के हवाले से बताया गया था कि शिनजियांग के मिसाइल क्षेत्रों में कुछ साइलो ऐसे ढक्कनों से ढके थे, जो मिसाइल लॉन्च को प्रभावी रूप से रोकते थे. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ मिसाइलों में ईंधन की जगह पानी भरा हुआ था. इससे संकेत मिलता है कि हथियारों और सैन्य उपकरणों में गंभीर स्तर पर गड़बड़ियां थीं, जिनके कारण शी जिनपिंग को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी.

दावों को लेकर मतभेद

हालांकि इस दावे पर मतभेद भी हैं. सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) का कहना है कि फिलहाल कुछ मिसाइलों में पानी हो सकता है, लेकिन इसे चीन की स्थायी कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए. वहीं एशिया टाइम्स ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि चीन अपने लिक्विड-फ्यूल रॉकेट में प्रोपेलेंट पहले से भरकर नहीं रखता, इसलिए पानी डालने का कोई तर्क नहीं बनता, जब तक कि यह जानबूझकर की गई तोड़फोड़ न हो.

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