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Silver Prices Downturn: 1980 और 2011 में ऐसा क्या हुआ था… चांदी खरीदने वाले क्यों डरे? क्या तेजी से गिरेंगे इसके दाम

Silver Prices Downturn: सोने के साथ साथ गुरुवार (22 जनवरी, 2026) को चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई. इस गिरावट ने निवेशकों को चिंता में डाला तो नए खरीदारों को राहत दी है.

By: JP Yadav | Published: January 22, 2026 2:02:18 PM IST



Silver Prices In India Today: चांदी में निवेश करने वालों करोड़ों लोगों के लिए गुरुवार (22 जनवरी, 2026) को बुरी खबर आई. चांदी की कीमतों ने आई कमी ने निवेशकों के साथ-साथ बाजार के जानकारों को भी डरा दिया है. कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि बाजार में लगातार जारी अस्थिरता की आशंका में थोड़ी कमी आई है, जिसके बाद निवेशक अन्य सेगमेंट में निवेश के लिए रुख कर सकते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में और भी गिरावट आ सकती है. विशेषज्ञों का यह आशंका है कि कहीं चांदी को लेकर 1980 जैसा हाल ना हो जाए, क्योंकि तब चांदी की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी.

दरअसल, गुरुवार (22 जनवरी, 2026) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें में गिरावट आई. बाजार खुलने के कुछ देर बात ही सोना 3,000 रुपये से ज्यादा टूट गयाा यानी कीमत कम हुई.  इसके अलावा चांदी में भी 7,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट ने नए खरीदारों को तो राहत दी है, लेकिन निवेशकों में डर है कि कहीं चांदी के दाम ज्यादा गिरे तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. बताया जा रहा है कि सिर्फ दो ही दिनों के दौरान चांदी की कीमतों में 25,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है. MCX पर सोने का भाव गुरुवार को 490 रुपये यानी 0.32 प्रतिशत ग‍िरकर 152,372 रुपये प्रत‍ि 10 ग्राम के स्‍तर पर आ गई. वहीं, चांदी की कीमत में 5000 रुपये से ज्‍यादा की ग‍िरावट आ गई है.

आखिर क्यों डरे निवेशक

जानकारों का कहना है कि वर्ष 1980 में भी चांदी की कीमतों में जोरदार इजाफा हुआ था. 1980 में चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं. इसके बाद सिर्फ 2 महीनों के दौरान चांदी की कीमतों में 70% से ज्यादा की कमी आई गई. ऐसा ही हाल वर्ष 2011 में भी हुआ था. 2011 में भी चांदी की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ और कुछ महीनों के दौरान 30% से ज्यादा दाम गिर गए. कुछ जानकारों का कहना है कि 3,25,000 या 3,30,000 रुपये के लेवल पर आने के बाद इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. ऐसे मे लगता है कि इसकी शुरुआत हो चुकी है. 

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