Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज, एक हिंदू तपस्वी और गुरु हैं, जो राधावल्लभ संप्रदाय को मानते हैं. प्रेमानंद जी महाराज अपनी भक्ति, सरल जीवन, और मधुर कथाओं के लिए लोगों में काफी प्रसिद्ध हैं. हर रोज लोग उनके कार्यक्रम में शामिल होते हैं जहां वह लोगों के सवालों के जवाब देते हैं.हजारों लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं. उनके प्रवचन, जो दिल को छू जाते हैं, ने उन्हें बच्चों और युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है. प्रेमानंद जी महाराज नाम जप करने के लिए के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं और साफ मन से अपने काम को करें और सच्चा भाव रखें.
भक्त के सवाल पर प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि उन लोगों को कैसे भजन करना चाहिए तो सोचते हैं कल ज्यादा से ज्यादा भजन करेंगे, लेकिन वो कल नहीं आता.
प्रेमानंद जी महाराज का मानना है कि हमें थोड़ा सा दृढ़ होना पड़ेगा और हढ़िला स्वभाव रखना पड़ेगा. इसीलिए माला दी जाती है कि आप नंबर से जप करें, 11 माला , 21 माला तो हमारी बढ़ोतरी होनी चाहिए, कम नहीं होना चाहिए आज 11 माला किया 2 दिन बिलकुल नहीं किया, आज 11 माला किया को कल 11 से बढ़कर नहीं किया तो 11 तक हमको पहुंचना ही है.
कैसी भी स्थिति हो लेकिन हमें भजन को नहीं छोड़ना. काल करें सो आज ,आज करें सो अब, पल में प्रलय होगी, बहुरी करेगा कब, कल के लिए ना टालें. भजन को आज वर्तमान में करें हो जाएगा, कल कभी नहीं आता.
हम सोचते हैं आज मौज कर लेते हैं कल संयम से चल लेंगे, लेकिन वो कल कभी नहीं आता है.संयम से चलना है तो आज अभी से चलें. होश में चलें, बहुत कम समय रह गया है. कलयुग का प्रभाव ऐसा है कुछ ना कुथ सबके साथ लगी रहती है. भजन को भविष्य के लिए ना टालें, गलत बातों को भविष्य के लिए टालें. लेकिन भजन आज अभी इस क्षण से शुरू करें.
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