Are Paychecks Losing Their Power?: प्रसिद्ध निवेशक और मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मुखर्जी ने हाल ही में करियर और शिक्षा के भविष्य को लेकर सोशल मीडया पर एक महत्वपूर्ण और तीखी बहस छेड़ दी है. दरअसल, उनका मानना है कि आने वाले समय में सिर्फ ‘वेतन’ (Salary) सफलता की गारंटी नहीं मानी जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि इसके बजाय, एक छात्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह एआई-प्रूफ (AI-proof) कौशल में कितना योग्य है.
पैकेज वाली नौकरियां हो रही है खत्म
इतना ही नहीं उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पारंपरिक शिक्षा प्रणाली और भारी-भरकम पैकेज वाली नौकरियों का दौर अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. आने वाले समय में पैकेज वाली नौकरियां पूरी तरह से खत्म हो जाएंगी. इसके अलावा, उनका मानना है कि आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) अब उन कार्यों को ज्यादा महत्वपूर्ण मान रहा है जिनके लिए पहले उच्च शिक्षित पेशेवरों (Highly Educated Proffessional) की ज़रूरत होती थी.
उन्होंने बताया कि अगर कोई भी छात्र सिर्फ वेतन के पीछे भागता है और अपने कौशल को आधुनिक तकनीक के अनुसार नहीं ढालता, तो भविष्य उसे परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है.
आखिर क्या होता है एआई-प्रूफ कौशल ?
एआई-प्रूफ होने का मतलब यह नहीं है कि आपको केवल कोडिंग सीखनी है. इसका सीधा-सीधा मतलब है कि उन मानवीय गुणों को विकसित करना जिन्हें मशीनें आसानी से नहीं दोहरा सकतीं हैं. जैसे आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking), समस्याओं का विश्लेषण करना, रचनात्मकता (Creativity) नए विचारों को पैदा करना, भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) लोगों के साथ बातचीत की क्षमता और सबसे आखिरी में निरंतर सीखना (Continuous Learning) नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट रखना जैसे कई अन्य चीजों पर जोर देना होगा.
भविष्य की तैयारी पर क्या बोलते हैं निवेशक?
जानकारी के मुताबिक, निवेशकों का मानना है कि जो छात्र अपनी ‘सीखने की क्षमता’ यानी (Learning Agility) पर निवेश करेंगे, वे लंबे समय में उन लोगों से आगे निकल जाएंगे जो सिर्फ एक डिग्री और शुरुआती वेतन पर ही पूरी तरह से निर्भर करते हैं. इसके अलावा AI एक औजार की तरह है, जो इसे चलाना जानते हैं, वे ही भविष्य के विजेता कहला सकेंगे.