भोजपुरी स्टार रितेश पांडेय ने सोमवार (12 जनवरी, 2026) को जन सुराज पार्टी छोड़ दी. यह फैसला उन्होंने चुनाव हारने के ठीक दो महीने के बाद लिया है. रितेश पांडेय ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है साथ ही उन्होंने पार्टी छोड़ने की वजह भी बतायी है.
रितेश पांडेय ने कहा कि वे अपने उस “काम” को जारी नहीं रख पा रहे हैं, जिससे उन्हें लोगों का “इतना प्यार और स्नेह” मिला, जबकि उनका जन्म “साधारण किसान परिवार” में हुआ था. आपको बताते चलें कि रितेश पांडेय ने बिहार विधानसभा चुनाव करगहर सीट से लड़ा था. इस सीट को प्रशांत किशोर ने उन दो सीटों में से एक के रूप में चुना था (दूसरी सीट राजद नेता तेजस्वी यादव का गढ़ राघोपुर थी), जहां से वे खुद चुनाव लड़ना चाहते थे. जबकि, प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और दावा किया कि उनकी पार्टी चाहती है कि वे संगठन और चुनाव प्रचार पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करें.
रितेश पांडे ने आखिर क्यों छोड़ी पार्टी
आपको मालूम होगा की रितेश पांडेय ने जुलाई 2025 में जन सुराज पार्टी में शामिल हुए थे. वे चुनाव में चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई. एक्स (X) पर अपनी पोस्ट में श्री पांडेय ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने राजनीतिक करियर के परवान न चढ़ने का कोई मलाल नहीं है. उन्होंने कहा कि वे पार्टी की सदस्यता इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि “किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य रहते हुए अपना काम जारी रखना संभव नहीं है.”
आरसीपी सिंह को लेकर भी अटकलें तेज
वहीं ऐसा लग रहा है कि जन सुराज पार्टी को एक और बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि वरिष्ठ नेता आरसीपी सिंह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफों के पुल बांध रहे हैं. रविवार को पटना में कुर्मी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आरपी सिंह और नीतीश कुमार दोनों शामिल हुए थे. हालांकि उनके बीच बातचीत नहीं हुई, लेकिन आरसीपी सिंह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चर्चा का बाज़ार गर्म कर दिया है.
आरपी सिंह ने कहा, “आपसे किसने कहा कि हम अलग हैं? हम एक-दूसरे को 25 वर्षों से जानते हैं. नीतीश कुमार से बेहतर मुझे कोई नहीं जानता और वे मुझे जानते हैं.” जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वे जेडीयू में वापस जा सकते हैं जिसे उन्होंने 2022 में इन आरोपों के बाद छोड़ दिया था कि वे भाजपा के इशारे पर जेडीयू में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, तो सिंह ने रहस्यमयी अंदाज में जवाब दिया, “आपको समय आने पर सब कुछ पता चल जाएगा.”
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जेडीयू छोड़ने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया था और नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी के बाद अपनी खुद की पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ बनाई थी. पिछले साल मई में ‘आप सबकी आवाज’ का विलय जन सुराज पार्टी में हो गया था, और आरसीपी सिंह की बेटी लता को नालंदा की अस्थावां सीट से टिकट दिया गया था, जहां वे तीसरे स्थान पर रहीं और उनकी जमानत जब्त हो गई थी.