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कौन हैं मेजर स्वाति जिन्होंने सात समंदर पार बढ़ाया देश का मान, संयुक्त राष्ट्र ने दिया सबसे बड़ा सम्मान; एंटोनियो गुटेरेस भी हुए मुरीद!

UN महासचिव पुरस्कार 2025 से सम्मानित, दक्षिण सूडान में लैंगिक समानता और शांति स्थापना के लिए भारतीय सेना की मेजर ने रचा इतिहास. कौन है मेजर स्वाति? पढ़ें पूरी खबर.

By: Shivani Singh | Published: January 12, 2026 5:46:39 PM IST



भारतीय सेना की मेजर स्वाति शांता कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है. दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में तैनात मेजर स्वाति को लैंगिक समानता (Gender Equality) और शांति स्थापना में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘संयुक्त राष्ट्र महासचिव पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया है. इस सम्मान के साथ ही वह उन चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों की श्रेणी में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की है.

मेजर स्वाति कौन हैं?

मेजर स्वाति शांता कुमार बेंगलुरु की रहने वाली हैं. वह कॉर्प्स ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) में अधिकारी हैं. उन्होंने बेंगलुरु से अपनी स्कूलिंग पूरी की और न्यू होराइजन कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. ​​इसके बाद उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला. सेना में शामिल होने से पहले उन्होंने IBM में काम किया था.

स्वाति महिला एंगेजमेंट टीम की कमांडर हैं

फिलहाल, मेजर स्वाति दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के साथ तैनात हैं. वह वहां भारतीय बटालियन की पहली महिला एंगेजमेंट टीम की कमांडर हैं. मेजर स्वाति के नेतृत्व में, टीम ने मलाकाल क्षेत्र और आसपास के दूरदराज के इलाकों में गश्त, नदी गश्त और हवाई गश्त की. इन कोशिशों से 5,000 से ज़्यादा महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और मददगार माहौल बना. अब महिलाएं अपनी समस्याएं बताने के लिए आगे आती हैं. शुरुआत में महिलाएं बात करने में हिचकिचाती थीं, लेकिन अब वे खुलकर अपनी बात रखती हैं.

UN महासचिव ने स्वाति के प्रोजेक्ट की तारीफ़ की

इस अवॉर्ड के लिए दुनिया भर में UN शांति मिशन और एजेंसियों से नॉमिनेशन मिले थे. स्वाति के प्रोजेक्ट को UN चार्टर के मुताबिक लैंगिक समानता और शांति को बढ़ावा देने के लिए पहचाना गया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उनके प्रोजेक्ट की तारीफ़ करते हुए कहा कि यह भविष्य के शांति मिशन के लिए एक मज़बूत उदाहरण है.

मेजर स्वाति जल्द ही भारत वापस आएंगी

मेजर स्वाति लगभग 15 महीनों से दक्षिण सूडान में हैं और जल्द ही सिकंदराबाद में पोस्टिंग के लिए भारत लौटेंगी. यह सम्मान भारत के लिए गर्व की बात है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला सैनिकों की भूमिका को मज़बूत करता है. मेजर स्वाति के पिता, आर. शांता कुमार (ITC के पूर्व कर्मचारी) ने कहा, “हमारे परिवार में कोई मिलिट्री बैकग्राउंड नहीं था, लेकिन स्वाति ने कड़ी मेहनत से सेना में जगह बनाई. मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है.” उनकी मां, राजामणि (रिटायर्ड हेडमिस्ट्रेस) ने भी अपनी बेटी की कड़ी मेहनत और लगन की तारीफ़ की.

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