Kachhi Haldi Kofte: सर्दियों में लोगों को अक्सर मसालेदार और स्वादिष्ट खाना खाने का मन करता है. इसी सिलसिले में हम एक ऐसी डिश के बारे में बात करेंगे जो पारंपरिक है और जिसमें स्वाद और सेहत दोनों के फायदे है. यह डिश राजस्थान की एक मशहूर सब्ज़ी है. हम सभी जानते हैं कि हल्दी हमारी सेहत के लिए कितनी फायदेमंद है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कच्ची हल्दी के कोफ्ते एक शानदार डिश है जो हमारी मसालेदार खाने की क्रेविंग को पूरा करती है और साथ ही हेल्दी भी है? तो आइए जानते हैं कि सर्दियों में ये राजस्थानी कच्ची हल्दी के कोफ्ते कैसे बनाए जाते हैं और इसके लिए हमें किन चीज़ों की जरूरत होगी.
कच्ची हल्दी के कोफ्ते बनाने के लिए सामग्री
- कच्ची हल्दी
- घी या तेल
- अदरक
- लहसुन
- प्याज
- टमाटर
- साबुत मसाले जैसे जीरा, इलायची, लौंग, धनिया पाउडर
- नमक स्वादानुसार
कच्ची हल्दी की ग्रेवी बनाने का तरीका
ग्रेवी रिच होती है, जिसमें अक्सर काफी मात्रा में घी, दही और साबुत मसाले होते है.
हल्दी को भूनें: ताज़ी हल्दी की जड़ को छीलकर कद्दूकस कर लें. इसे धीमी आंच पर काफी घी में कुछ मिनट तक भूनें जब तक कि कच्चापन खत्म न हो जाए और तेल अलग न हो जाए.
बेस बनाएं: साबुत मसाले जैसे जीरा, इलायची, लौंग और तेज पत्ता डालें. अदरक-लहसुन का पेस्ट और प्याज डालकर तब तक पकाएं जब तक प्याज सुनहरा भूरा न हो जाए.
ग्रेवी के कॉम्पोनेंट्स डालें: टमाटर की प्यूरी या फेंटा हुआ दही डालें जिसमें लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर जैसे मसाले मिले हों. अगर दही का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं.
धीमी आंच पर पकाएं और खत्म करें: ग्रेवी को तब तक पकाएं जब तक तेल या घी सतह पर तैरने न लगे. हरी मटर, काजू और किशमिश जैसे ऑप्शनल चीज़ें डालें.
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कोफ्तों को कितनी देर तक पकाना चाहिए?
अब बात करते हैं कि कोफ्तों को ग्रेवी में कितनी देर तक पकाना चाहिए. कोफ्तों को ग्रेवी में ज़्यादा देर तक न पकाएं, क्योंकि वे टूट सकते हैं. तले हुए कोफ्ते सर्व करने से ठीक पहले या ग्रेवी को धीमी आंच पर उबालते समय आखिरी 5 मिनट में डालें. ताज़े हरे धनिये की पत्तियों से गार्निश करें और रोटी पराठा या चावल जैसे फ्लैटब्रेड के साथ गरमागरम सर्व करें.