US Venezuela Tension: दुनिया एक बार फिर से एक और जंग की तरफ बढ़ते हुए दिख रही है. यहां पर हम वेनेजुएला और अमेरिका के बीच संघर्ष की संभावना बढ़ गई है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर युद्ध की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है.
USS Gerald दक्षिण अमेरिका के पास तैनात
मादुरो ने 24 अक्टूबर, 2025 की रात को एक राष्ट्रीय प्रसारण में कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत, यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड (USS Gerald R. Ford) को दक्षिण अमेरिका के पास तैनात करके वेनेजुएला पर दबाव बनाने की कोशिश की है. इस युद्धपोत में 90 विमानों और हमलावर हेलीकॉप्टरों को संचालित करने की क्षमता है. मादुरो ने दावा किया कि यह कदम वेनेजुएला के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का हिस्सा.
ट्रंप का मादुरो पर आरोप
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर “एक नए युद्ध” की योजना बनाने का आरोप लगाया. मादुरो ने कहा कि ट्रंप ने बिना किसी सबूत के दावा किया है कि वह “ट्रेन डे अरागुआ” नामक एक आपराधिक गिरोह के नेता है. इस गिरोह पर मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, मानव तस्करी और हत्या जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप है.
ट्रंप के आरोप झूठे – मादुरो
मादुरो ने ट्रंप के आरोपों को “झूठा, अश्लील और आपराधिक कहानी” करार दिया और कहा कि वेनेज़ुएला को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “वेनेज़ुएला ऐसा देश नहीं है जहां कोकीन उगाया जाता है.” मादुरो ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने मादक पदार्थों की तस्करी के बहाने वेनेज़ुएला तट पर कई नावों पर हमला किया, जिसमें कम से कम 43 लोग मारे गए.
गौरतलब है कि मादुरो पर पिछले साल के चुनावों में धांधली के गंभीर आरोप लगे थे और अमेरिका समेत कई देशों ने उनसे राष्ट्रपति पद छोड़ने की मांग की थी. अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है. विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ख़तरा बन सकता है और लैटिन अमेरिका में एक नए भू-राजनीतिक संकट को जन्म दे सकता है.

