लखनऊ ने दुनिया को चखा दिया अपना स्वाद! यूनेस्को ने दिया सबसे बड़ा सम्मान

लखनऊ को उसकी समृद्ध और विविध पाक कला विरासत के लिए यूनेस्को की ‘रचनात्मक शहरों’ की सूची में शामिल किया गया है. अवधी व्यंजन, चाट और पारंपरिक मिठाइयों की अनोखी पहचान ने शहर को वैश्विक मानचित्र पर विशिष्ट स्थान दिलाया है. जानिए यह सम्मान लखनऊ और उसकी सांस्कृतिक पहचान के लिए क्यों खास है.

Published by Shivani Singh

लखनऊ… केवल नवाबी अदब-अंदाज़ और तहजीब ही नहीं, बल्कि स्वाद की वो नफ़ासत भी, जो ज़ुबान पर उतरते ही दिल में बस जाती है. परंपरा और नवाचार के इस अनोखे संगम ने अब दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. विश्व स्तर पर एक ऐसा सम्मान मिला है, जिसने न सिर्फ शहर की पहचान को नई ऊँचाई दी, बल्कि यहाँ की रसोई संस्कृति को वैश्विक मानचित्र पर और भी चमका दिया है. अब लखनऊ का नाम सिर्फ कहानियों, इमारतों और तहज़ीब से नहीं, बल्कि अपने अद्वितीय स्वाद के दम पर भी दुनिया भर में लिया जा रहा है… लखनऊ को अपनी समृद्ध और विविध पाक विरासत के लिए यूनेस्को की “रचनात्मक शहरों” की सूची में शामिल किया गया है. 

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की महानिदेशक ऑड्रे अज़ोले ने 58 शहरों को यूनेस्को के रचनात्मक शहर नेटवर्क के नए सदस्यों के रूप में नामित किया है. इस सूची में अब 100 से अधिक देशों के 408 शहर शामिल हैं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को “पाक कला” श्रेणी में मान्यता दी गई है.

यूनेस्को के रचनात्मक शहरों की सूची में नया नाम

यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारत के लिए गर्व का क्षण. लखनऊ की समृद्ध पाक विरासत को अब वैश्विक मंच पर मान्यता मिली है! “विश्व शहर दिवस 2025 (30 अक्टूबर) के अवसर पर, लखनऊ को ‘यूनेस्को रचनात्मक पाक कला शहर’ नामित किया गया है.” प्रतिनिधिमंडल ने कहा, “लखनऊ को ‘यूनेस्को रचनात्मक पाक कला शहर’ नामित किया गया है. लखनऊ के साथ, यूनेस्को रचनात्मक शहर नेटवर्क (यूसीसीएन) में 58 नए शहर शामिल किए गए हैं.” यूसीसीएन में अब 100 से ज़्यादा देशों के 408 शहर शामिल हैं. 

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लखनऊ के स्वाद को मिला वैश्विक सम्मान

लखनऊ अपने समृद्ध और पारंपरिक व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें चाट से लेकर अवधी व्यंजन और स्वादिष्ट मिठाइयाँ शामिल हैं. विश्व शहर दिवस पर घोषित यह पुरस्कार शहरों को “सतत शहरी विकास के प्रेरक के रूप में रचनात्मकता को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता” के लिए सम्मानित करता है.

अजौले ने कहा, “यूनेस्को के रचनात्मक शहर दर्शाते हैं कि संस्कृति और रचनात्मक उद्योग विकास के ठोस प्रेरक हो सकते हैं. 58 नए शहरों का स्वागत करके, हम एक ऐसे नेटवर्क को मज़बूत कर रहे हैं जहाँ रचनात्मकता स्थानीय पहलों का समर्थन करती है, निवेश आकर्षित करती है और सामाजिक एकता को बढ़ावा देती है.”

2004 में स्थापित, यूसीसीएन का उद्देश्य उन शहरों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है जो समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए संस्कृति और रचनात्मकता का लाभ उठाते हैं. यह उन पहलों का समर्थन करता है जो रोज़गार सृजित करती हैं, सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ावा देती हैं और सामाजिक एकता को मज़बूत करती हैं.

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