Bangladesh Crisis: मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की देखरेख में बांग्लादेशी हिंदुओं पर बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय द्वारा हमले जारी हैं. हाल की एक घटना में, सिलहट के गोवाईनघाट उपज़िला में हिंदू शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे, जिन्हें झुनू सर के नाम से जाना जाता है, उनके घर में आग लगा दी गई. मुस्लिम-बहुसंख्यक देश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय अपनी सुरक्षा और भलाई को लेकर चिंताओं के बीच डर में जी रहा है.
भीषण आग की चपेट में हिंदू टीचर का घर
आग लगने का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि आग की लपटें तेज़ी से घर को अपनी चपेट में ले रही हैं और परिवार के लोग भागने की कोशिश कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुरंत किसी के घायल होने की खबर नहीं है. आग लगने की वजह और आग लगाने वालों की पहचान अभी पता नहीं चली है. निवासी और स्थानीय कार्यकर्ता पूरी जांच और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग कर रहे हैं.
बांग्लादेश में हिंदू परिवारों को घेरा
यह हमला बांग्लादेश में हिंदू घरों को टारगेट करके की गई ऐसी ही कई घटनाओं के बाद हुआ है. 28 दिसंबर को, पीरोजपुर जिले के डुमरीताला गांव में एक घर में आग लगा दी गई, जिसे एक टारगेटेड हमला माना जा रहा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटनाएं 18 दिसंबर को मैमनसिंह में 29 साल के गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोपों पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने और उसके शव को आग लगाने के कुछ ही समय बाद हुईं. इससे पहले, 23 दिसंबर को, चटगांव के राउजान में दो प्रवासी हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी गई थी. हमलावरों ने कथित तौर पर आठ लोगों को अंदर बंद कर दिया था, जो टिन की छत और बांस की बाड़ को काटकर बाल-बाल बच गए. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना सुल्तानपुर गांव में सुबह 3:15 बजे से 4 बजे के बीच हुई और यह पांच दिनों के भीतर इलाके में अल्पसंख्यक समुदाय पर आगजनी का छठा हमला था.

