Categories: वायरल

Travel Vlogger: यूके या भारत कहां का 5 स्टार होटल है ज्यादा अच्छा? ट्रेवल व्लॉगर ने किया खुलासा

Travel Vlogger: भारत के एक युवक ने भारत और यूके के फाइव स्टार होटल को कंपेयर किया और बजट से लेकर सबकुछ बताया की कौन सा बेहतर है-

Published by sanskritij jaipuria

Travel Vlogger: ट्रेवल व्लॉगर दीपांशु मिश्रा ने भारत और यूके के फाइव स्टार होटलों में एक्सपीरिएंस के बड़े अंतर पर अपनी राय शेयर की हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि हॉस्पिटैलिटी, लक्जरी और सर्विस दोनों देशों में अलग हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि किसी का तरीका गलत है.

दीपांशु के अनुसार, यूके में £900 (लगभग 1 लाख रुपये) में उन्हें सिर्फ एक छोटा कमरा और बिस्तर मिला. वहीं, भारत में ₹25,000 में स्वागत मिलता है जैसे फूलों की माला, तिलक, वेलकम ड्रिंक है. उनके अनुसार, भारत में कम कीमत में ज्यादा हॉस्पिटैलिटी मिलती है.

स्वागत का अंदाज

व्लॉगर के अनुसार, स्वागत का तरीका पूरे एक्सपीरिएंस की शुरुआत तय करता है. यूके में चेक-इन जल्दी और सरल होता है सिर्फ नाम पूछा जाता है और काम खत्म. भारत में हाथ जोड़कर, नमस्ते सर, हमारे होटल में आपका स्वागत है जैसी बातों के साथ स्वागत किया जाता है, जो काफी अच्छा फील होता है.

पोर्टर और स्टाफ एक्सपीरिएंस

स्टाफिंग में भी बड़ा फर्क है. यूके में रिसेप्शनिस्ट अक्सर पोर्टर का काम भी करते हैं चेक-इन, सामान उठाना और फिर अगले काम पर. भारत में स्टाफ मिलकर काम करता है एक दरवाजा खोलता है, एक सामान लेता है, एक गाइड करता है. 

लक्जरी का मतलब दोनों देशों में अलग है. यूके में ये कमाल की सादगी रंग, चुप्पी और सरल डिजाइन में दिखती है. भारत में लक्जरी ज्यादा ड्रामेटिक होती है. भारत आपको अमीर महसूस कराता है, यूके आपको नार्मल महसूस कराता है.

Related Post

A post shared by Dipanshu | International Traveller | Mission 195 🎯 (@nomadicdipanshu)

 कमरे का शेप

कमरे के शेप में भी अंतर है. यूके के कोजी कमरे अक्सर इतने छोटे होते हैं कि सूटकेस खोलना मुश्किल हो. भारत में, यहां तक कि बजट होटल भी कहते हैं, सर, ये हमारा सबसे छोटा कमरा है, लेकिन फिर भी यूके के मुकाबले ज्यादा जगह मिलती है.

भोजन और समय की लचीलापन

भोजन का समय भी अलग है. यूके में नाश्ते के समय का सख्त पालन होता है अगर आप देर से आएं, तो किचन बंद. भारत में स्टाफ अडजस्ट कर लेते है सर, देर हो गई? कोई बात नहीं और खाना अरेंज कर देते हैं, पैक कर देते हैं और चाय भी देते हैं.

दीपांशु ने बताया कि यूके में हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल और शालीन होती है लेकिन भावनात्मक दूरी रहती है. भारत में हॉस्पिटैलिटी भावना और उदारता पर आधारित होती है. उनके अनुसार, यूके के होटल आपको सिर्फ गेस्ट की तरह देखते हैं. भारत के होटल आपको अपनों की तरह देखते हैं.

 
 

sanskritij jaipuria
Published by sanskritij jaipuria

Recent Posts

सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस! SG का आरोप- CM ममता ने फाइलें चोरी कीं, सिब्बल का पलटवार

ED vs Mamata: सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को कोलकाता में I-PAC के ऑफिस और उसके चीफ…

January 15, 2026

Rajasthan 4th Grade Result: ग्रेड-4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! RSSB अध्यक्ष ने ट्वीट कर बताया रिजल्ट डेट

Rajasthan 4th Grade Result: राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड कल ग्रेड 4 भर्ती परीक्षा के नतीजे…

January 15, 2026

Kerela Lottery Result Today: रातों-रात बने करोड़पति! एक फैसला बदल सकता है आपकी पूरी जिंदगी

ड्रॉ दोपहर 3:00 बजे गोर्की भवन, बेकरी जंक्शन, तिरुवनंतपुरम में आधिकारिक देखरेख में शुरू होगा…

January 15, 2026

After Dark & No Filters: आफ्टर डार्क, नो फिल्टर्स: ये बिंज पिक्स जगाएंगी आपकी डिजायर

After Dark & No Filters: आप यहां छोटी-मोटी बातों के लिए नहीं है. आप यहां…

January 15, 2026