UP News: उत्तर प्रदेश के जिले बांदा से एक चौकाने और दिल दहलाने वाली खबर सामने आ रही है कि एक शख्स ने गरीबी के कारण अपनी जान लेली है। तिंदवारी थाना क्षेत्र मे मौजुद भहरौरा गांव में एक युवक कथित तौर पर पैसे की कमी होने और गरीबी के कारण सुसाइड किया है, इसके पिछे का पूरा मामला बेहद दर्दनाक और चौकाने वाला हैं।
उत्तर प्रदेश के जिले बांदा में हुआ चौका देने वाला हादसा
दरअसल, 45 वर्षीय राजेंद्र नामक एक यूवक दिल्ली में शटरिंग का काम करता था। वहीं 10 जुलाई को काम करते समय राजेंद्र पर शटरिंग का भारी मलबा गिर गया, जिससे उसे बेहद गंभीर रूप से घायल हो गया, उसके सिर में चार टांके आए और रीढ़ की हड्डी भी टूट गई थी, जिसके बाद साथ काम कर रहे मजदूरों ने राजेंद्र को अस्पताल पहुंचाया। इस खोफनाक घटना की खबर सुनते ही राजेंद्र की पत्नी तुरंत दिल्ली पहुंची और ठेकेदार से मिली।
राजेंद्र ने गरीबी के कारण काटा खुद का गला
मीडिया से बातचीत के दौरान राजेंद्र के घरवालों ने कहा कि ठेकेदार ने इलाज का पूरा खर्च उठाने और आर्थिक सहायता करने का वादा किया था, लेकिन एक कोरे कागज पर उनसे अंगूठा लगवाने के बाद ठेकेदार कोई मदद नहीं की और ना ही कोई फोन उठाया, जिसके बाद मजबूरी में परिवार वालों को राजेंद्र को तुरंत दिल्ली से बांदा लेकर आना पढ़ा और उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती करया गया। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में करीब 25 दिन तक इलाज राजेंद्र का इलाज चला और वह रीढ़ की हड्डी टूटने के दर्द से तड़पता रहा, इस इलाज में काफी पैसा लगा और भगीरथ की बची-कुची जमा-पूंजी खत्म हो गई और इलाज का खर्च उठाना संभव ना होने की वजह से राजेंद्र को घर लाना पड़ा।
खून से लथपथ थी राजेंद्र की लाश
घर लाने के बाद राजेंद्र की हालत और ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद दर्द सहन करना उसके लिए असंभव हो गया है और दर्द से तड़पना राजेंद्र के लिए बर्दाश्त से बाहर हो गया, जिसके बाद उसने हथियार से खुद का गला काट कर आत्महत्या कर ली। जब परिवार वाले घर लौटे तो देखा कि राजेंद्र खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था, जिसके बाद तुरंत उसे अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मीडिया से बातचीत के दौरान राजेंद्र की भाभी ने बताया है कि वह बेहद सीधा और शांत स्वभाव का इंसान था, उसके नाम दो बीघा जमीन थी। हादसे के बाद से राजेंद्र कुछ खा-पी नहीं रहा था और रातभर दर्द से कराहता रहता था

