Viral Video: केरल के एक मंदिर उत्सव के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब एक पालतू हाथी ने जुलूस के समय 26 साल के युवक पर हमला कर दिया. इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और आयोजकों को कुछ समय के लिए उत्सव रोकना पड़ा. ये घटना केरल के अन्नमनाडा स्थित महादेव मंदिर में आयोजित वलियाविलक्कु उत्सव के दौरान हुई. हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पर्व में शामिल होते हैं. जुलूस की तैयारी चल रही थी और हाथी को सजाकर खड़ा किया गया था.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक व्यक्ति हाथी की पीठ पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था. उसी समय एक अन्य युवक हाथी के पास खड़ा था और उसके हाथ में सजावटी सामान था. तभी अचानक हाथी ने उस युवक पर हमला कर दिया.
अचानक हुआ हमला
बताया जाता है कि हाथी ने बिना किसी चेतावनी के युवक की टांगों को अपनी सूंड से पकड़ लिया. उसने युवक को अपनी ओर खींचा, जमीन से ऊपर उठाया और फिर जोर से दूर फेंक दिया. ये दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे.
घायल युवक को तुरंत अंगमाली के अपोलो एडलक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
प्रशासन और मंदिर समिति की कार्रवाई
घटना के बाद मंदिर प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए धार्मिक कार्यक्रम रोक दिए. हाथी को मंदिर परिसर में ही सुरक्षित तरीके से बांध दिया गया, ताकि कोई और हादसा न हो.
Horrifying video of an elephant losing his cool and tossing a person up in the air during a festival in Kerala… this is what happens when we continue to chain animals meant to be in the wild pic.twitter.com/ufT8IuDM9w
— Akshita Nandagopal (@Akshita_N) January 8, 2025
पुलिस भी मौके पर पहुंची और भीड़ को कंट्रोल किया. हाथियों को संभालने वाली विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने जानवर के व्यवहार का आकलन किया और उसे सुरक्षित रखने के कदम उठाए.
पालतू हाथियों को लेकर बढ़ी चिंता
केरल में मंदिर उत्सवों में हाथियों की भागीदारी पुरानी परंपरा का हिस्सा रही है. बड़े जुलूसों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सजे-धजे हाथी इन आयोजनों का मेन आकर्षण माने जाते हैं. हालांकि पशु व्यवहार विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि तेज आवाज, भीड़, सजावट और लगातार शारीरिक नियंत्रण से हाथियों पर तनाव बढ़ सकता है. तनाव की स्थिति में उनका व्यवहार अचानक बदल सकता है, जिससे ऐसे हादसे हो सकते हैं.
इस घटना के बाद अधिकारियों ने संकेत दिया है कि उत्सवों में हाथियों की सेफटी व्यवस्था और नियमों की फिर से समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.