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IIT Baba wedding: ‘प्रयागराज महाकुंभ 2025’ के दौरान ‘IIT बाबा’ के नाम से चर्चा में आए अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी शादी और भविष्य की बड़ी योजना है. हाल ही में उन्होंने प्रीतिका के साथ विवाह किया और अब पहली बार पत्नी के साथ अपने झज्जर स्थित पैतृक घर पहुंचे हैं. यहां उनका स्वागत करने के लिए स्थानीय लोग और शुभचिंतक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. इसी बीच उन्होंने अपने आने वाले प्लान को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जो अध्यात्म की दिशा में एक नई पहल मानी जा रही है.
शादी के बाद पहली बार घर पहुंचे
‘IIT बाबा’ अभय सिंह शादी के बाद पहली बार अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ झज्जर स्थित अपने पैतृक निवास पहुंचे. इस दौरान आसपास के लोग और उनके समर्थक उनसे मिलने और बधाई देने उनके घर पहुंचे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी और पत्नी के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी भी आध्यात्मिक सोच से जुड़ी हुई हैं और दोनों मिलकर आगे एक बड़े उद्देश्य की दिशा में काम करना चाहते हैं.
बताया आगे का प्लान
इंटरव्यू के दौरान अभय सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर ‘श्री यूनिवर्सिटी’ की स्थापना करने जा रहे हैं. यह एक स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी होगी, जहां भक्ति, साधना और योग जैसे विषयों पर आधारित पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए तीन तरह की साधनाएं पहले ही डिजाइन की जा चुकी हैं, जिनमें शुरुआती स्तर के लोगों के लिए भी विशेष कोर्स शामिल होंगे. उनका उद्देश्य है कि जो लोग अध्यात्म से जुड़े नहीं हैं, उन्हें भी आसान तरीके से इस दिशा में जोड़ा जा सके.
प्रेमानंद महाराज और सद्गुरु से प्रेरित मॉडल
अभय सिंह ने बताया कि उनकी यूनिवर्सिटी का ढांचा अलग-अलग गुरुओं की विशेषज्ञता पर आधारित होगा. जैसे प्रेमानंद महाराज भक्ति में माहिर हैं, वहीं सद्गुरु योग और क्रिया के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं. इसी तरह यूनिवर्सिटी में भी हर विषय के लिए अलग गुरु होंगे. यह पूरा सिस्टम सामान्य यूनिवर्सिटी की तरह ही होगा, लेकिन फोकस आध्यात्म और साधना पर रहेगा. फिलहाल इसकी साधनाएं ऑनलाइन शुरू की गई हैं और भविष्य में एक आश्रम बनाने की योजना है, जिसमें समय लग सकता है.
शिवरात्रि पर हुई मुलाकात, फिर शादी तक पहुंची बात
अभय सिंह ने अपनी लव स्टोरी का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात प्रीतिका से पिछले साल महाशिवरात्रि के मौके पर ईशा फाउंडेशन आश्रम में हुई थी. यह मुलाकात धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गई और इस साल शिवरात्रि के मौके पर दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली. अब दोनों का लक्ष्य मिलकर अध्यात्म और ध्यान के क्षेत्र में काम करना और ‘श्री यूनिवर्सिटी’ को विकसित करना है.