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Premanand Ji Maharaj: पूज्य प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) ने अंतिम संस्कार के बाद स्नान (नहाना) के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को समझाया है, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वस्त्रों सहित स्नान करने का सही विधान क्या है और यह क्यों जरूरी है, महाराज जी ने बताया कि यह केवल शरीर की शुद्धि नहीं, बल्कि मन की शुद्धि और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का एक महत्वपूर्ण नियम है, यह उपदेश सभी भ्रमों को दूर कर देगा.
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