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28 साल के युवा आमिर की निर्मम हत्या ने एक बार फिर समाज और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गहरा घाव दे दिया है, रिपोर्टों के अनुसार, आमिर का बजरंग दल के चरमपंथियों द्वारा पीछा किया गया और गौ-तस्करी के झूठे आरोपों के तहत उसे बेरहमी से गोली मार दी गई, जब आमिर के घर का दौरा किया गया, तो वहां का माहौल हृदयविदारक था, अपने जवान बेटे को खो चुके माता-पिता का विलाप और परिवार का असहनीय दुख किसी भी शब्द की सीमा से परे है, उनकी सिसकियां और चीखें एक ऐसी त्रासदी की गवाही दे रही हैं, जिसने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है
इस घटना में सबसे चौंकाने वाला खुलासा उस पेट्रोल पंप के वीडियो फुटेज से हुआ है, जहां हमले से कुछ समय पहले आमिर ने ईंधन भरवाया था, सीसीटीवी फुटेज स्पष्ट रूप से पुष्टि करता है कि आमिर की पिकअप गाड़ी पूरी तरह खाली थी—अंदर एक भी गाय मौजूद नहीं थी, यह सबूत उन निराधार आरोपों को पूरी तरह नकारता है जिनके आधार पर आमिर की जान ली गई, यह घटना इस कड़वी हकीकत की याद दिलाती है कि कैसे केवल अफवाहों और नफरत के कारण निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है, अब बात यहां खत्म नहीं होती लोगों के बीच इस खबर के बाद से बेहद ही गुस्सा भर गया है साथ ही अब लोग न्याय की मांग कर रहे हैं.

