Tarannum Jahan Case: धर्मांतरण मामले में फंसी मुख्य आरोपी उस्मान गनी की पत्नी तरन्नुम जहां की पुलिस कई दिनों से तलाश में जुटी हुई है. हालांकि, तरन्नुम जहां अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.
आखिर कौन है तरन्नुम जहां ?
उत्तर प्रदेश में तेजी से चल रहे धर्मांतरण मामले में तरन्नुम जहां मुख्य आरोपी उस्मान गनी की पत्नी है. जिसकी पुलिस काफी लंबे समय से तलाश करने में जुटी हुई है. लेकिन पुलिस तरन्नुम जहां को पकड़ने में अब तक सफलता हासिल नहीं कर पाई है.
क्या है पूरा मामला ?
बीते कुछ दिनों 7 सितंबर को मदनपुर थाना क्षेत्र की एक युवती ने एसएस मॉल के मालिक उस्मान गनी, उसकी पत्नी तरन्नुम जहां और उसके साले गौहर अली के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये तीनों उस पर जबरन धर्मांतरण के लिए दबाव बना रहे थे. जिसके बाद से पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी.
इतनी आसान नहीं तरन्नुम जहां की गिरफ्तारी
मुकदमा दर्ज होने के 15 दिन बाद भी तरन्नुम जहां पुलिस की गिरफ्त से अब तक बाहर है. लगातार जगह बदलने से पुलिस को पकड़ने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पुलिस की एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और थाना पुलिस सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक करने की पूरी कोशिश भी की जा रही है. इतना ही नहीं, पुलिस विभिन्न जगहों पर जाकर छापेमारी करने में जुटी हुई है, ताकि जल्द से जल्द तरन्नुम जहां की गिरफ्तारी हो सके.
कहां तक पहुंची पुलिस प्रशासन की जांच
फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. जिनमें इस्लाफिल जो उस्मान गनी का भाई है और दूसरा शकील अंसारी जो एसएस मॉल का प्रबंधक है जिसपर वादी को धमकाने का गंभीर आरोप भी लगा है. इतना ही नहीं पुलिस तरन्नुम की गिरफ्तारी के लिए उस्मान गनी के रिश्तेदारों और परिवार की सहायता भी ले रही है. जांच के दौरान यह पता चला कि तरन्नुम अपने परिवार से संपर्क में नहीं है.
पुलिस कैसे करेगी तरन्नुम जहां की गिरफ्तारी
पुलिस की कार्रवाई में अब यह ज़रूर पता चला है कि इस धर्मांतरण के जाल में कई अन्य युवतियां भी शामिल हैं, जिनका जबरन धर्मांतरण कराया गया है. जिनमें से एक युवती का पूरी तरह से ब्रेनवाश किया गया था, जिसके बाद परिवार की मदद से उसे आखिर में सही रास्ते पर लाया जा सका. इस युवती ने पुलिस को कुछ और लड़कियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है, ताकि गिरफ्तारी में मदद मिल सके.

