Dhurandhar Lucknow Hoardings Row : फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने उत्तर प्रदेश में एक राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. फिल्म में एक ऐसे किरदार को दिखाया गया है जो माफिया डॉन अतीक अहमद जैसा दिखता है; इस किरदार के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और एक आतंकवादी संगठन से संबंध दिखाए जाने पर विवाद छिड़ गया है. समाजवादी पार्टी (SP) समेत विपक्षी दलों ने इसे BJP का प्रोपेगैंडा करार दिया है. इसी बीच, लखनऊ भर में SP प्रमुख अखिलेश यादव को निशाना बनाने वाले होर्डिंग्स दिखाई देने लगे हैं.
होर्डिंग्स में अखिलेश यादव को निशाना बनाया गया
कई जगहों पर लगाए गए होर्डिंग्स में अखिलेश को फिल्म ‘धुरंधर 2’ के विलेन ‘रहमान डकैत’ के रूप में दिखाया गया है. कैप्शन में लिखा है, ‘अखिलेश का लयारी राज’. होर्डिंग के एक तरफ योगी आदित्यनाथ की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर है, जिस पर ‘धुरंधर CM’ लिखा है. होर्डिंग में यह सवाल भी पूछा गया है, ‘आप क्या चाहते हैं?’
‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ का अभियान
‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नाम के एक संगठन द्वारा लगाए गए इन होर्डिंग्स में अखिलेश की तस्वीर के नीचे अखबारों की कटिंग लगी हैं, जिनमें उनके कार्यकाल के दौरान मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में हुए दंगों को उजागर किया गया है. दूसरी तरफ, CM योगी की तस्वीर के नीचे, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की कटिंग लगी हैं.
Amethi, Uttar Pradesh: A hoarding has been installed outside the town railway station, on which it is written: “Aapko kya chahiye Dhurandhar Kaam ya Akhilesh ka Lyari Raj.” pic.twitter.com/bRw8TJ6i2C
— IANS (@ians_india) April 7, 2026
लखनऊ में प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग्स
ये होर्डिंग्स लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री आवास के आसपास के इलाके भी शामिल हैं. इनके लगने से राजनीतिक बहस और तेज हो गई है, और आने-जाने वालों तथा स्थानीय निवासियों का ध्यान इनकी ओर आकर्षित हुआ है.
होर्डिंग्स पर ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के पदाधिकारियों के नाम और तस्वीरें भी छपी हैं, जिनमें कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह और महासचिव अभिनव तिवारी शामिल हैं. SP सरकार के दौरान हुए दंगों को ‘लयारी राज’ का नाम दिया गया है.
सपा का कार्यकाल – ‘लयारी राज’
इन होर्डिंग्स के जरिए, मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में हुए दंगों का हवाला देकर SP पर सीधा हमला किया गया है. इन घटनाओं को ‘लयारी राज’ कहकर, होर्डिंग्स यह बताने की कोशिश करते हैं कि उस दौर में कानून-व्यवस्था कमजोर थी.
CM योगी यूपी के ‘धुरंधर’
इसके विपरीत, होर्डिंग्स में संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई को उजागर किया गया है, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘धुरंधर’ के रूप में पेश किया गया है. अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला से जुड़े मामलों से संबंधित अख़बारों की कतरनों को, सख़्त क़ानून प्रवर्तन के संदेश को रेखांकित करने के लिए शामिल किया गया है.
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