जेल में बदला दो ‘साइको किलर’ का व्यवहार

गोरखपुर की जेल में बंद दो शातिर हत्यारोपियों (Vicious Murderers), के व्यवहार में उपचार और समय के साथ बदलाव आया है. रामदयाल, जिसे 'रावण' के नाम से जाना जाता है, ने अपने दादा-दादी समेत तीन लोगों की हत्या की थी, जबकि अजय निषाद पर पांच महिलाओं पर जानलेवा हमला करने और एक की हत्या करने का आरोप है. जेल में मनोचिकित्सक (Psychiatrist) के इलाज के बाद दोनों के व्यवहार में सुधार आया है.

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Behaviour of two killer has changed: क्या कही आपने ऐसा सुना है कि दो शातिर हत्यारोपियों  के व्यवहार में अचानक से ही सुधार देखने को मिले. जी हां, यह खबर एकदम सच है. यह खबर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की है. जहां, जेल में बंद दो शातिर हत्यारोपियों के व्यवहार में उपचार और समय के साथ-साथ बदलाव भी देखने को मिला है. 

साइको किलर ‘रावण’ का बदला स्वभाव:

झंगहा इलाके में अपने दादा-दादी समेत तीन की हत्या करने वाला रामदयाल मौर्या, जिसको जेल में ‘रावण’ के नाम से जाना जाता है, अब उसका स्वभाव पूरी तरह से बदल गया है. ग्रामीण उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त और भूत-प्रेत के साये में बताते थे, लेकिन जेल में मनोचिकित्सक के इलाज के बाद से वह काफी ज्यादा सामान्य हो गया है. वह अब जेल से छूटने के लिए भगवान राम की पूजा अर्चना भी करता है. इतना ही नहीं, किताबें मांगकर पढ़ना और जेल में कैदियों के रिकॉर्ड व्यवस्थित करने में भी काफी मदद करता है. 

साइको किलर अजय निषाद का व्यवहार:

झंगहा इलाके में पांच महीने में पांच महिलाओं पर जानलेवा हमला करने और एक की हत्या करने का आरोपी साइको किलर अजय निषाद भी अब जेल में एक सामान्य कैदी की तरह अपना जीवन बिताने की कोशिश कर रहा है. अजय अपनी महिला मित्र द्वारा दुष्कर्म का केस दर्ज कराने के बाद जेल गया था. लेकिन, जेल से छूटने के बाद उसने 30 जुलाई को चोरी के दौरान पहली बार एक महिला पर हमला किया था. इसके बाद उसे महिलाओं को मारकर खून देखना अच्छा लगने लगा. वह वारदात के बाद सूरत निकल जाता था, जहां, पेंट पॉलिश का काम किया करता था. 

आखिर क्यों है काली शर्ट का Obsession:

पुलिस की पूछताछ में अजय ने जानकारी देते हुए बताया था कि वह शनिदेव का बहुत बड़ा भक्त है, और प्रतिदिन उनकी पूजा-अर्चना भी करता है. इसलिए हमेशा काले वस्त्र पहनता था. साथ ही उसने यह भी बताया कि उसे भागने में आसानी हो, इसलिए नंगे पैर वारदात को अंजाम दिया करता था. जेल में वह चुपचाप अपनी बैरक में पड़ा रहता है. लेकिन,  अब भी उसे रात में नींद नहीं आती है और वह पहनने के लिए काली शर्ट ही मांगता है.

जेल प्रशासन ने मामले में क्या दिया बयान:

जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि जेल में कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य की जांच कराई जाती है और साथ ही जरूरत पड़ने पर इलाज भी किया जाता है. साथ ही उन्होंने बताया कि इलाज के बाद रामदयाल का व्यवहार पूरी तरह से बदल चुका है और अजय के व्यवहार भी सामान्य देखने को मिला है. 

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