Tata Motors 17 New Truck Launched In India: भारत में ट्रक और लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेजी से बदल रहा है. बेहतर सड़कें, सेफटी नियम और कम खर्च में ज्यादा काम की जरूरत ने नई तकनीक वाले ट्रकों की मांग बढ़ा दी है. इसी बीच टाटा मोटर्स ने अपने नए ट्रक पोर्टफोलियो के साथ बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने नई Azura सीरीज और इलेक्ट्रिक ट्रकों की रेंज लॉन्च की है, जो 7 टन से लेकर 55 टन तक की क्षमता में आती है. ये ट्रक रोजमर्रा के काम को आसान बनाने और लागत कम करने पर फोकस करते हैं.
टाटा मोटर्स ने भारतीय बाजार में कुल 17 नए ट्रक पेश किए हैं. इनमें नई Azura सीरीज के साथ-साथ प्राइमा, सिग्ना और अल्ट्रा प्लेटफॉर्म में भी अहम बदलाव किए गए हैं. कंपनी ने डीजल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक ट्रकों पर भी जोर दिया है, ताकि अलग-अलग जरूरतों के लिए सही ऑप्शन मिल सके.
Azura सीरीज
Azura सीरीज को खास तौर पर लाइट और इंटरमीडिएट कॉमर्शियल व्हीकल सेगमेंट के लिए तैयार किया गया है. ये रेंज उन ट्रांसपोर्टरों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिन्हें भरोसेमंद परफॉर्मेंस, आराम और बेहतर माइलेज चाहिए.
नया 3.6 लीटर डीजल इंजन
Azura ट्रकों में नया 3.6-लीटर डीजल इंजन दिया गया है. ये इंजन बेहतर पावर के साथ संतुलित माइलेज देने में सक्षम है. रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों के लिए ये इंजन किफायती साबित हो सकता है.
Azura ट्रकों की मेन खूबियां
Azura रेंज 7 से 19 टन के ऑप्शनों में उपलब्ध होगी. इन ट्रकों में:
नया और खुला वॉक-थ्रू केबिन
आरामदायक D+2 सीटिंग
बेहतर ड्राइवर विजिबिलिटी
ज्यादा स्टोरेज स्पेस
लंबी ड्राइव में थकान कम करने वाला डिजाइन
इनका उपयोग ई-कॉमर्स डिलीवरी, एफएमसीजी सामान, निर्माण सामग्री, कृषि उत्पाद और इंटर-सिटी ट्रांसपोर्ट में किया जा सकता है.
टाटा की इलेक्ट्रिक ट्रक रेंज
टाटा मोटर्स ने Tata Trucks.ev ब्रांड के तहत 7 से 55 टन तक के इलेक्ट्रिक ट्रक पेश किए हैं. ये ट्रक नए I-MOEV आर्किटेक्चर पर बने हैं और शहरों के साथ-साथ इंडस्ट्रियल कामों के लिए भी उपयोगी हैं.
इलेक्ट्रिक ट्रकों के खास मॉडल
Ultra EV रेंज: शहरी और रीजनल कामों के लिए, जहां जीरो-एमिशन जरूरी है.
Prima E.55S: भारी काम और लंबी दूरी के लिए बनाया गया इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर.
Prima E.28K टिपर: खनन और कंस्ट्रक्शन जैसे कठिन कामों के लिए मजबूत इलेक्ट्रिक टिपर.
कम खर्च, ज्यादा फायदा
नए ट्रकों में पेलोड क्षमता बढ़ाई गई है, जिससे एक ट्रिप में ज्यादा सामान ले जाया जा सकता है. साथ ही इंजन और ड्राइवट्रेन में सुधार से ईंधन की खपत कम होती है. इससे ट्रांसपोर्टरों को रोजाना के खर्च में राहत मिलती है.
टाटा मोटर्स के मुताबिक, भारत का ट्रकिंग सेक्टर नई जरूरतों के अनुसार बदल रहा है. साफ-सुथरा ट्रांसपोर्ट, बेहतर सेफटी और मॉडर्न टेक्नॉलॉजी अब समय की मांग है.

