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मनुष्य का ये आविष्कार बनेगा इंसानियत के विनाश की वजह, परमाणु बम से भी है ज्यादा खतरनाक

AI Humanity Extinction: AI शोधकर्ता एलीज़र युडकोव्स्की ने AI को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि AI तकनीक मानव जाति का विनाश कर देगी.

Published by Shubahm Srivastava

AI Humanity Extinction: इंसानों ने अपने काम को आसान और सरल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का निर्माण किया है. आज के समय में AI तेज़ी से हर क्षेत्र में छा रहा है, जहां कुछ लोग AI को क्रांतिकारी बता रहे हैं. वहीं, कुछ इसे मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा मान रहे हैं. इसमें AI शोधकर्ता एलीज़र युडकोव्स्की का नाम भी शामिल है, जिन्हें उनके डरावने दावों के कारण ‘कयामत का पैगम्बर’ कहा जाता है. युडकोव्स्की ने एक बार फिर AI को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि AI तकनीक मानव जाति का विनाश कर देगी.

आपको बता दें कि युडकोव्स्की का नाम उन विशेषज्ञों में आता है जिन्होंने दुनिया को सबसे पहले AI के खतरों के बारे में आगाह किया था. उनके इस कदम का असर ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और ग्रोक के एलन मस्क जैसे उद्योग जगत के बड़े नामों पर भी पड़ा.

आर्टिफिशियल सुपरइंटेलिजेंस बनेगा इंसान की मौत की वजह!

आपको बता दें कि युडकोव्स्की मशीन इंटेलिजेंस रिसर्च इंस्टीट्यूट (MIRI) के संस्थापक हैं. यहां उन्नत AI से होने वाले खतरों पर अध्ययन किया जाता है. MIRI का लक्ष्य AI के विकास को पूरी तरह से रोकना है, क्योंकि इससे पूरी मानवता का अस्तित्व दांव पर लगा है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरों को देखते हुए, युडकोव्स्की ने अपनी नई किताब में भी इसका ज़िक्र किया है. अपनी किताब ‘इफ एनी बिल्ड्स इट, एवरीवन डाइज़’ में उन्होंने साफ़ लिखा है कि “अगर दुनिया में कहीं भी कोई कंपनी या समूह मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल करके कृत्रिम सुपरइंटेलिजेंस बनाता है, तो धरती पर हर एक इंसान मर जाएगा.”

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‘इंटेलिजेंस एक्सप्लोजन’ का सता रहा डर

MIRI के संस्थापक को इस समय ‘इंटेलिजेंस एक्सप्लोजन’ का डर है, जिसका मतलब है कि AI की क्षमताएं अचानक इतनी बेकाबू हो जाएंगी कि वह एक ऐसी सुपर इंटेलिजेंस बन जाएगी जो पूरी तरह से मानव नियंत्रण से बाहर हो जाएगी.

युडकोव्स्की की एआई को लेकर आशंकाओं को आप इस तरह समझ सकते हैं कि उन्होंने एआई के विकास को रोकने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि की वकालत की है और कहा है कि अगर कोई देश गुप्त रूप से सुपरह्यूमन AI बना रहा है, तो उसके डेटा केंद्रों पर बमबारी जैसे सख्त कदम उठाए जाने चाहिए. उनका मानना ​​है कि मानवता की हार निश्चित है और इस लड़ाई को लड़ने का कोई मतलब नहीं है. युडकोव्स्की के अनुसार, अब यह स्पष्ट है कि मानवता इस समस्या का समाधान नहीं करने वाली है, न ही वह इसके लिए ज़्यादा प्रयास करेगी.

AI नौकरियों के लिए बड़ा खतरा

एआई के आने के बाद से सबसे बड़ा खतरा लोगों की नौकरियों पर मंडरा रहा है. ‘एआई के गॉडफादर’ कहे जाने वाले जेफ्री हिंटन ने भी इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया है. जेफ्री ने कहा है कि एआई से कंपनियां तो खूब मालामाल हो जाएँगी, लेकिन आम कर्मचारियों को इसकी कीमत अपनी नौकरी गंवाकर चुकानी पड़ेगी.

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