The Great Khali Story: द ग्रेट खली, जिन्हें दुनिया WWE सुपरस्टार और भारत का गर्व मानती है, केवल अपनी ऊंचाई, ताकत या रिंग में उनकी विशालकाय उपस्थिति के लिए नहीं जाने जाते, बल्कि उनके संघर्ष, अनुशासन और असाधारण डाइट के कारण भी लोग उन्हें याद रखते हैं. पंजाब के छोटे से गांव डंडीआ में जन्मे दलीप सिंह राणा गरीब परिवार में पले-बढ़े.
बचपन में वह सामान्य बच्चों की तरह थे, लेकिन किशोरावस्था में उनका शरीर अचानक असामान्य तेजी से बढ़ने लगा. मजदूरी और कड़ी शारीरिक मेहनत के बीच उन्होंने पाया कि उनका कद लगातार बढ़ रहा है, और बाद में पता चला कि इसकी वजह एक बीमारी है—एक्रोमेगली.
क्या होती है एक्रोमेगली बीमारी?
एक्रोमेगली एक हार्मोनल समस्या है, जिसमें पिट्यूटरी ग्लैंड ग्रोथ हार्मोन जरूरत से ज्यादा बनाने लगती है, जिससे हड्डियों और मांसपेशियों का आकार नियंत्रण से बाहर हो जाता है. इस बीमारी ने खली को विशेष बनाया, लेकिन अंदर ही अंदर शरीर को कमजोर भी किया. यह स्थिति हाथ-पैर और चेहरे की हड्डियों को मोटा करती है, जोड़ो में दर्द बढ़ाती है, सांस, दिल और शरीर की सहनशीलता पर असर डालती है. खली के लिए यह बीमारी एक आशीर्वाद और पीड़ा दोनों बनी—इसने उन्हें WWE जैसी दुनिया में जगह दिलाई, पर हर दिन दर्द और दबाव भी साथ लाया.
खली की डाइट – 50 अंडे, 2 किलो चिकन औऱ…
खली के लिए उनकी डाइट कोई लक्ज़री नहीं, बल्कि एक जरूरत थी. WWE के दौर में उनका रोज़ का भोजन किसी सामान्य इंसान से कई गुना अधिक होता था. वे एक दिन में लगभग 50 अंडे, 2 किलो चिकन या मीट, 5 से 7 लीटर दूध, भरपूर दाल-सब्जियां, फल, सूखे मेवे और भारी वर्कआउट के बाद प्रोटीन शेक लेते थे. उनका शरीर इतनी ऊंचाई और वजन को संभालने के लिए लगातार ऊर्जा मांगता था, और यदि वह इतना खाना न लें तो शरीर में कमजोरी और टूटन पैदा हो सकती थी. WWE ट्रेनर्स ने कई बार बताया कि इतनी बड़ी कद-काठी को बनाए रखना उतना ही कठिन है जितना मुकाबला करना.
WWE वर्ल्ड हेवीवेट चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय
WWE में खली का सफर ऐतिहासिक रहा. वह पहले भारतीय थे जिन्होंने WWE वर्ल्ड हेवीवेट चैंपियनशिप जीती. अंडरटेकर, जॉन सीना, केन और बिग शो जैसे दिग्गजों के साथ उनकी फाइट्स ने दुनिया भर के दर्शकों का ध्यान खींचा. लेकिन रिंग में उनका हर कदम सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, उनकी बीमारी के खिलाफ लड़ाई भी था. हर गिरावट, हर चोट उनके शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती थी. स्थिति खतरनाक होती जा रही थी और अंततः खली ने अमेरिका में सर्जरी करवाई ताकि हार्मोन्स का प्रभाव नियंत्रित किया जा सके. ऑपरेशन सफल रहा और बीमारी की गति काफी धीमी हो गई, हालांकि इसके प्रभाव आज भी उनके शरीर में झलकते हैं—भारीपन, जोड़ों का दर्द और लगातार थकान.
WWE से संन्यास लेने के बाद क्या कर रहे खरी?
WWE से संन्यास लेने के बाद खली भारत लौटे और पंजाब में अपनी रेसलिंग अकादमी शुरू की ताकि वे आने वाली पीढ़ी को प्रशिक्षण दे सकें. गरीबी से उठकर वैश्विक मंच पर खड़े होने तक की उनकी यात्रा ने करोड़ों लोगों को प्रेरित किया. खली आज सिर्फ एक पूर्व WWE सुपरस्टार नहीं बल्कि संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास का जीता-जागता उदाहरण हैं.