Categories: विज्ञान

BCCI ऐसे चुनती है टीम इंडिया के लिए लीड स्पॉन्सर, आवेदन करने के लिए भी जेब में होने चाहिए इतने करोड़ रूपये?

Team India Title Sponsor: ड्रीम11 के हटने के बाद, बीसीसीआई ने मुख्य प्रायोजक (Main sponsor) के लिए टेंडर जारी कर दिया है। लेकिन क्या आपको इसके प्रोसेस के बारे में जानकारी है, अगर नहीं तो चलिए जान लेते हैं।

Published by Shubahm Srivastava

Team India Title Sponsor:  BCCI इस वक्त टीम इंडिया के लिए नए टाइटल स्पॉन्सर (Title Sponsor) की तलाश में है। मौजूदा स्पॉन्सर ड्रीम11 (Dream11) ने मोदी सरकार की तरफ से रियल मनी-बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग (Money-Based Online Gaming) पर प्रतिबंध (restrictions) लगाए जाने के बाद भारतीय टीम की स्पॉन्सरशिप से अपने हाथ खिच लिए हैं।

इसको लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की तरफ से सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय टीम के प्रमुख स्पॉन्सरशिप अधिकारों के लिए EOI आमंत्रित किए हैं।

अब इसके बाद से ही सबकी नजरें भारतीय टीम के अगले स्पॉन्सर पर टिकी हुई हैं, कि अगला बड़ा ब्रांड कौन होगा जो भारतीय क्रिकेट टीम से जुड़ेगा? लेकिन क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि BCCI का लीड स्पॉन्सर कैसे बना जाता है और इसमें कितना पैसा लगता है और इसका प्रोसेस क्या है? चलिए इस बारे में जानते हैं।

क्या है टाइटल स्पॉन्सर बनने का प्रोसेस?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम इंडिया का टाइटल स्पॉन्सर बनने के लिए कोई भी कंपनी आवेदन कर सकती है, लेकिन बीसीसीआई की शर्तों के मुताबिक, सभी वित्तीय और कानूनी मानदंड पूरे करने होंगे। इसके मुताबिक, पिछले तीन ऑडिटेड वर्षों में कंपनी का औसत टर्नओवर या औसत नेटवर्थ (Average Networth) कम से कम 300 करोड़ रुपये होना चाहिए। बीसीसीआई ने यह शर्त इसलिए रखी है ताकि केवल आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियां ही इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें।

कंपनी की नेटवर्थ के अलावा, बीसीसीआई कंपनी की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता पर भी खास ध्यान दे रहा है। इसके लिए यह भी देखा जा रहा है कि बोली लगाने वाली कंपनियों की छवि साफ-सुथरी और ईमानदार हो। बोर्ड की तरफ से यह भी कहा गया है कि इसमें किसी भी तरह के हितों के टकराव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

टेंडर का प्रोसेस

ड्रीम11 के हटने के बाद, बीसीसीआई ने मुख्य प्रायोजक (Main sponsor) के लिए टेंडर जारी कर दिया है। अब इसके बाद इच्छुक कंपनियों को बीसीसीआई से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट यानी ईओआई टोकन खरीदना होगा। फिर वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी बोली लगा सकेंगी। आपको बता दें कि बोर्ड ने बोली लगाने की आखिरी तारीख 16 सितंबर 2025 तय की है। इस तारीख तक कंपनियों को सभी दस्तावेज और प्रस्ताव बोर्ड के पास जमा कराने होंगे।

क्या है चीन की विक्ट्री डे परेड के पीछे का इतिहास, क्यों हर साल करता है इसका आयोजन?

Shubahm Srivastava

Recent Posts

Kerala BJP First List: केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की 47 उम्मीदवारों की पहली सूची, यहां देखें पूरी लिस्ट

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर…

March 16, 2026

This is test 2

This is test 2

March 16, 2026

This is test

This is test

March 16, 2026