कौन है पायल नाग, जिन्होंने बिना हाथ पैर के रच दिया इतिहास, गोल्ड मेडल पर है इस 17 साल की बच्ची का निशाना

Who is Payal Nag: ओडिशा के बलांगीर जिले की 17 साल की पायल नाग ने ये साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, अगर हिम्मत मजबूत हो तो रास्ता खुद बन जाता है. पायल तीरंदाजी में ऐसा मुकाम हासिल कर चुकी हैं, जो दुनिया में बहुत कम लोग कर पाए हैं. बिना हाथ और पैरों के तीरंदाजी कर उन्होंने इतिहास रच दिया है.

Published by sanskritij jaipuria

Who is Payal Nag: 6 अप्रैल 2015 का दिन पायल की जिंदगी में बड़ा मोड़ लेकर आया. खेलते समय वो हाईवोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आ गईं. इस दर्दनाक हादसे में उनके दोनों हाथ और पैर चले गए. परिवार पहले से ही आर्थिक मुश्किलों में था, इसलिए हालात और भी कठिन हो गए.

हादसे के समय पायल के माता-पिता रोजगार के सिलसिले में बाहर काम करते थे. इलाज और हालात के चलते पायल और उसके भाईबहन गांव में दादी के पास रहने लगे. कुछ समय बाद दादी का भी निधन हो गया. इस तरह कम उम्र में ही पायल ने अकेलेपन और संघर्ष को बहुत करीब से देखा.

प्रशासन ने थामा साथ

दादी के जाने के बाद बलांगीर जिला प्रशासन ने पायल की जिम्मेदारी ली. उनके रहने और पढ़ाई की व्यवस्था परवती गिरी आश्रम में की गई. यहीं से पायल की जिंदगी ने दोबारा रफ्तार पकड़ी. पढ़ाई में वो हमेशा आगे रहीं और अपनी अलग पहचान बनाती चली गईं.

पायल के अंदर कला का खास हुनर था. बिना हाथपैर के भी वो चेहरे की मदद से पेंसिल पकड़कर चित्र बनाती थीं. गुरु दिलीप सिंह देव से सीखकर उन्होंने कई शानदार चित्र बनाए. उनकी कला ने अधिकारियों और सरकार का ध्यान खींचा और उनकी खूब सराहना हुई.

खेल की ओर नया कदम

सरकार से मिली मदद के बावजूद जब रोबोटिक हाथ का सपना पूरा नहीं हो सका, तो पायल ने खेल को अपना रास्ता बनाया. उनके जज्बे को देखकर जिला प्रशासन ने 2022 में उन्हें जम्मू भेजकर तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिलवाया. यहीं से उनकी खेल यात्रा शुरू हुई.

आज पायल जम्मू के कटरा स्थित नेशनल आर्चरी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में अभ्यास कर रही हैं. दिसंबर 2025 में नेशनल पैरा आर्चरी प्रतियोगिता में उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीतकर सबको चौंका दिया. वह बिना हाथपैर के तीरंदाजी करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गईं.

रोजाना मेहनत और बड़ा सपना

पायल रोज करीब 11 घंटे अभ्यास करती हैं. उनका कहना है कि उनकी कमजोरी ही उनकी ताकत बन गई. उनका सपना एशियन गेम्स और पैरालंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है.

पायल अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच कुलदीप कुमार वेदवान को देती हैं. कोच और जिला अधिकारी भी मानते हैं कि पायल की मेहनत और लगन आने वाले समय में देश को और गौरव दिलाएगी. पायल नाग की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उस हिम्मत की है जो मुश्किल से मुश्किल हालात में भी हार मानने से इंकार कर देती है. आज वो ओडिशा ही नहीं, पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.

sanskritij jaipuria
Published by sanskritij jaipuria

Recent Posts

Kharmas 2026 End Date: कब खत्म होगा खरमास? इस दिन से शुरू होंगे मांगलिक कार्य; जानें अप्रैल में शादी के लिए शुभ दिन

Kharmas 2026 End Date: भगवान सूर्य 14 अप्रैल मंगल की राशि मेष में एंट्री करने…

April 5, 2026

Delhi News: दिल्ली में बड़े ब्लास्ट की साजिश नाकाम, मुंबई पुलिस संग ऑपरेशन में दो संदिग्ध गिरफ्तार

Delhi News: दिल्ली पुलिस और मुंबई ATS ने संयुक्त ऑपरेशन में दो संदिग्धों को हिरासत…

April 5, 2026

क्या सच में प्रेग्नेंट हैं सेलेना गोमेज, वायरल तस्वीर ने बढ़ाई हलचल; जानें क्या है पूरा मामला?

Selena Gomez Pregnancy Rumors: इंटरनेशनल सिंगर और बिजनेस वुमन सेलेना गोमेज एक बार फिर चर्चाओं…

April 5, 2026

Split Vs Windows AC: 1 घंटे में कौन सा एसी खाता है ज्यादा बिजली, खरीदने से पहले यहां जानें

Split Vs Windows AC: गर्मी के मौसम में एसी हर घर की जरूरत होती है…

April 5, 2026

Upcoming Movies: बॉलीवुड के लिए खास है 2026-2027, रामायण से लेकर किंग तक कई फिल्में होंगी रिलीज

Upcoming Movies 2026-2027: बॉलीवुड लवर्स के लिए साल 2026-2027 बेहद ही खास होने वाला है.…

April 5, 2026