Green Wedding: आजकल लोग सिर्फ खूबसूरत शादी के लिए ही नहीं बल्कि पर्यावरण को बचाने के लिए भी सजग हो रहे हैं. ऐसी शादियों को ‘ग्रीन वेडिंग’ कहा जाता है. ये एक ऐसा तरीका है जिसमें शादी का आयोजन पर्यावरण पर कम असर डालने वाली चीजों के साथ किया जाता है. इसमें कम कचरा होता है और साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है.
What is Green Wedding: ग्रीन वेडिंग क्या है?
ग्रीन वेडिंग का मेन उद्देश्य है शादी को पर्यावरण मुक्त और टिकाऊ बनाना. इसके लिए कुछ खास तरीके अपनाए जाते हैं:
इसमें आप कागज के बजाय लोगों को ई-इनवाइट्स भेज सकते हैं.
शादी में होटल की बजाय ऑर्गेनिक खाना यानी पास के किसानों से जैविक भोजन ले सकते हैं.
शादी की सजावट भी आप फालतू चीजों को छोड़ बांस, जूट, कपड़े या फूलों जैसी चीजों से कर सकते हैं.
आप अपनी शादी में डिस्पोजेबल कप, थर्मोकॉल या फ्लेक्स बैनर के यूज से बच सकते हैं, इसके अलावा कुछ और यूज करें.
ग्रीन वेडिंग के मेन तरीके
शून्य कचरा और प्लास्टिक मुक्त- डिस्पोजेबल प्लेट, बोतल या प्लास्टिक की सजावट हटाकर कचरे को कम किया जाता है.
टिकाऊ सजावट- केवल प्राकृतिक चीजों का उपयोग किया जाता है जैसे केले के पत्ते, फूल, कपड़ा, जूट आदि.
इको-फ्रेंडली कपड़े और मेकअप- कपड़े के लिए ऑर्गेनिक फैब्रिक, विंटेज कपड़े किराए पर लेना बेहतर होता है. मेकअप के लिए हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है.
जिम्मेदार खानपान- स्थानीय और ऑर्गेनिक भोजन परोसा जाता है. कई बार शाकाहारी मेनू को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि ये कार्बन एमिशन को कम करता है.
डिजिटल कागज का उपयोग- ई-इनवाइट या रिसाइकल पेपर से इनवाइट भेजना, कागज के यूज को कम करता है.
स्थल का चुनाव- खुले मैदान, बगीचे या बीच जैसी जगहों को चूज करें, जहां कम लाइटिंग और सजावट की जरूरत पड़े.
ग्रीन वेडिंग के फायदे
खर्च में कमी- कई लोग सोचते हैं कि ग्रीन वेडिंग महंगी होती है, लेकिन प्राकृतिक सजावट और कम डिस्पोजेबल इस्तेमाल करने से खर्च काफी कम हो सकता है.
पर्यावरण की सुरक्षा- ग्रीन वेडिंग से कार्बन फुटप्रिंट, प्रदूषण और कचरा कम होता है.
स्वास्थ्य के लिए लाभकारी- ऑर्गेनिक भोजन और रसायन-मुक्त वस्तुएं शादी में शामिल लोगों के लिए सेफ और स्वस्थ रहती हैं.
सामाजिक असर- स्थानीय किसानों और टिकाऊ व्यापारियों को सहयोग मिलता है और ग्रीन इकोनॉमी को बढ़ावा मिलता है.
अनोखा और यादगार- इस तरह की शादी पारंपरिक तरीकों से अलग, प्राकृतिक और यादगार एक्सपीरिएंस देती है.
ग्रीन प्रैक्टिस कैसे अपनाएं
शून्य कचरा वाला खानपान- बचे हुए खाने को NGO जैसे Feeding India या Robin Hood Army को दान करें, स्थानीय, मौसमी और ऑर्गेनिक मेनू चुनें. साथ ही शाकाहारी ऑप्शन ज्यादा अपनाएं.
रियूजेबल और टिकाऊ शादी के कपड़े- शादी के दौरान माता-पिता या दादा-दादी के कपड़े पहनें. पुराने कपड़े को नए डिजइन में बदलें. अपने कपड़े को किराए पर लें. कॉटन, लिनन, सिल्क या हेम्प जैसे प्राकृतिक कपड़े खरीदें.

