Migraine Diagnosis and Care Tips: माइग्रेन एक तरह के तेज सिरदर्द को कहते हैं. आजकल की लाइफस्टाइल को देखते हुए माइग्रेन बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम बनती जा रही है. कई लोगों को तो काफी लंबे समय तक इस कंडीशन के बारे में पता ही नहीं चलती है. क्योंकि, इसकी शुरुआत सिरदर्द से होती है. यह एक ऐसी समस्या होती है, जो कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाती है. माइग्रेन का जल्द से जल्द इलाज बेहद जरुरी है. क्योंकि, यह ये ब्रेन स्ट्रोक के खतरे से जुड़ा होता है. यदि आप लंबे समय तक इसे दर्द को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो यह आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है. ऐसे में न्यूरोलॉजी एक्सपर्ट ने माइग्रेन को पहचानने का एक ऐसा फॉर्मूला बताया है, जिससे व्यक्ति खुद इसका निदान कर सकता है.
कैसे करें माइग्रेन की पहचान?
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, न्यूरोलॉजी, वाइस चेयरमैन –डॉ. संजय सक्सेना बताते हैं कि माइग्रेन का दर्द अक्सर कांग्रेस का दर्द अक्सर सुबह ज्यादा होता है. माइग्रेन एक आम लेकिन जटिल सिरदर्द है. इसे पहचानने के लिए 5-4-3-2-1 का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. इसके अनुसार, जीवन में कम से कम 5 बार दर्द का अटैक आता है, जो 4 में से 2 खासियतें (एक तरफ दर्द, धड़कन जैसा दर्द, बहुत तेज दर्द, या रोजमर्रा के काम में रुकावट) और 2 में से 1 लक्षण (रोशनी और आवाज से परेशानी) होना माइग्रेन की पहचान है.
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माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले कारक
माइग्रेन कई कारणों से बढ़ सकता है. दिन में तेज धूप, तेज रोशनी और शोर के कारण दर्द बढ़ जाता है. कुछ खाने की चीजें भी माइग्रेन का दर्द बढ़ा सकती हैं, जैसे-चीज, चॉकलेट, काफी, चाइनीज फूड और खट्टे फल. तेज गंध या परफ्यूम भी इस दर्द को बढ़ा सकता है. यह समस्या महिलाओं में ज्यादा होती है. पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण भी बढ़ सकती है.
माइग्रेन की समस्या
एक्सपर्ट बताते हैं कि माइग्रेन की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे ध्यान और याददाश्त पर असर पड़ सकता है. यह समस्या स्ट्रेस और डिप्रेशन के जोखिम को बढ़ा देती है. इसके अलावा माइग्रेन लंबे समय में ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेकर सुबह जल्दी उठना सेहत के लिए काफी फायदेमंद है. फोन की स्क्रीन ज्यादा न देखएं. वहीं ऐसा खाना खाने से परहेज करें, जो माइग्रेन को ट्रिगर करता है.

