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सावधान! क्या आप भी दूध के साथ खाते हैं खट्टे फल? शरीर पर पड़ सकता है भारी असर

आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान (Aayurveda and Modern Nutrition Science) के मुताबिक, सही खाद्य संयोजन (Food Combination) हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) को स्वस्थ रखने के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.

By: DARSHNA DEEP | Published: January 12, 2026 1:48:46 PM IST



Food Combos to Avoid: यह तो सभी जानते हैं कि दूध और खट्टे फलों को एक साथ खाना आपके पाचन के लिए कितना ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है. दरअसल, खट्टे फलों की वजहों से दूध पेट में जाकर फट जाता है, जिससे पाचन संबंधी गंभीर समस्या देखने को मिल सकती है, जैसे गैस के साथ-साथ पेट का भारीपन होना. तो वहीं, दूसरी तरफ बेहतरीन स्वास्थ्य के लिए डेयरी दूध की जगह बादाम या ओट मिल्क का ही ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए, जो पचाने में बेहद ही आसान होने के साथ-साथ सुरक्षित भी होते हैं.

कौन से संयोजन शरीर के लिए होते हैं हानिकारक?

अक्सर हम स्वाद के चक्कर में अलग-अलग चीजों को मिलाकर खाना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन क्या आप यह जनाते हैं कि कुछ संयोजन हमारे शरीर के लिए बेहद ही हानिकारक हो सकते हैं. इनमें सबसे पहले है दूध और खट्टे फलों का एक साथ मिश्रण करना जैसे संतरा, नींबू, अनानास का मेल. वैज्ञानिकों के मुताबिक, दूध में प्रोटीन और वसा का जटिल (Fat Complex) मिश्रण सबसे ज्यादा होता है, जबकि खट्टे फल अम्लीय (Acidic) प्रकृति के होते हैं. 

जब हम दूध में नींबू या संतरा मिलाते हैं, तो फलों में मौजूद एसिड दूध के प्रोटीन (Casein) को पूरी तरह से तोड़ देता है. हालांकि, इसे तकनीकी भाषा में प्रोटीन विकृतीकरण (Protein Denaturation) भी कहा जाता है. और  यही वजह है कि पेट में जाते ही दूध फटने लगता है या फिर कई बार तो जमने भी लगता है. जो लोग संवेदनशील पाचन तंत्र वाले होते हैं, उन्हें इसकी वजह से पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी, मरोड़ और कभी-कभी मतली (जी मिचलाना) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. 

आयुर्वेद के मुताबिक, क्या है बेहतरीन विकल्प?

आयुर्वेद के मुताबिक, इसे ‘विरुद्ध आहार’ कहता है, जो शरीर में विषाक्त पदार्थ (Toxins) पैदा कर सकता है. अगर आप स्मूदी या फिर शेक के शौकीन हैं, तो डेयरी दूध के बजाय पौधे आधारित दूध (Plant-based milk) जैसे बादाम का दूध (Almond Milk) या जई का दूध (Oat Milk) एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है. यह विकल्प हल्के होते हैं और खट्टे फलों के साथ मिलकर पेट में गड़बड़ी पैदा नहीं करते हैं. 

हमारा शरीर हमें हमेशा संकेत देता है. अगर किसी विशिष्ट खाने के बाद आप सुस्ती या पेट में असहजता महसूस करते हैं, तो यह आपके खाद्य संयोजन को बदलने का समय है. खट्टे फलों और दूध का मेल स्वाद में भले ही अच्छा लगे, लेकिन आंतरिक स्वास्थ्य के लिए यह एक समझौता है. प्राकृतिक विकल्पों को चुनकर आप अपने पाचन तंत्र को Long Term मजबूती दे सकते हैं.

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