Cardomom Plant: इलायची अपनी खुशबू और स्वाद के लिए जानी जाती है. ये सिर्फ रसोई का मसाला नहीं, बल्कि सेहत और स्वाद दोनों के लिए खास मानी जाती है.आमतौर पर इलायची पहाड़ी और नम जगहों पर उगती है, लेकिन सही देखभाल के साथ इसे घर के गमले या बगीचे में भी उगाया जा सकता है.थोड़ा धैर्य जरूर चाहिए, क्योंकि ये पौधा धीरे बढ़ता है, लेकिन अपने हाथों से उगाई गई इलायची का आनंद अलग ही होता है.
इलायची उगाने के लिए सबसे जरूरी है अच्छे और ताजे बीज. बीज किसी भरोसेमंद नर्सरी से लें. अगर आप इलायची की फलियों से बीज निकाल रहे हैं, तो ध्यान रखें कि फलियां हरी हों. सूखी या पकी हुई इलायची के बीज आमतौर पर उगते नहीं हैं.
गमले या ट्रे का चयन
बीज बोने के लिए छोटे गमले या सीडलिंग ट्रे का इस्तेमाल करें. गमले के नीचे छेद होना जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. अगर आप बाद में पौधे को दूसरी जगह लगाना चाहते हैं, तो ऐसे गमले चुनें जिनसे जड़ों को कम नुकसान पहुंचे.
मिट्टी की सही तैयारी
इलायची के बीजों को हल्की और भुरभुरी मिट्टी पसंद होती है. इसके लिए आप मिट्टी का मिश्रण इस तरह तैयार कर सकते हैं:
नमी बनाए रखने के लिए कोकोपीट या पीट मॉस.
पानी की निकासी के लिए रेत या परलाइट.
मिट्टी को हल्का रखने के लिए वर्मीकुलाइट.
इस तरह की मिट्टी में पानी जमा नहीं होता और जड़ें आसानी से फैलती हैं.
बीज बोने का तरीका
बीजों को मिट्टी में बहुत गहराई तक न दबाएं. हल्की सी मिट्टी डालकर ढक दें. इसके बाद हल्का पानी दें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोशनी हो, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़े. मिट्टी हमेशा थोड़ी नम रहनी चाहिए, लेकिन गीली नहीं.
पानी और खाद की देखभाल
इलायची को नमी पसंद है. इसलिए नियमित रूप से पानी दें, लेकिन ध्यान रखें कि गमले में पानी भरा न रहे. जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो हर 4–6 हफ्ते में जैविक खाद या हल्की तरल खाद दें. इससे पत्तियां हरी और स्वस्थ रहेंगी.
पौधे की बढ़वार और धैर्य
इलायची एक धीमी गति से बढ़ने वाला पौधा है. इसे फल देने में 2 से 3 साल तक का समय लग सकता है. इस दौरान पौधे को छांव, नमी और हल्की गर्मी की जरूरत होती है.
इलायची की तुड़ाई
जब इलायची की फलियां हरी और भरी हुई दिखने लगें, तब उन्हें तोड़ा जा सकता है. तुड़ाई के बाद फलियों को अच्छी तरह सुखा लें. पूरी तरह सूखने के बाद इन्हें किसी बंद डिब्बे में रखें, ताकि खुशबू और स्वाद बना रहे.
घर पर इलायची उगाना थोड़ा समय लेने वाला काम है, लेकिन असंभव नहीं. सही बीज, अच्छी मिट्टी और नियमित देखभाल से आप अपने घर में ये खास मसाला उगा सकते हैं. ये न सिर्फ बागवानी का अनुभव बढ़ाता है, बल्कि रसोई के लिए भी एक खास तोहफा देता है.

