क्यों सुख जाती हैं तुलसी? हरियाली फीकी पड़ने के पीछे छुपे हैं ये हैरान करने वाले कारण

तुलसी का पौधा हरा-भरा और मजबूत बनाने के लिए सही मिट्टी, बैलेंस मात्रा में पानी, पर्याप्त सूरज की रोशनी, पोषण और नियमित छंटाई जरूरी है। इन आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने तुलसी के पौधे को लंबे समय तक जीवित और सुंदर रख सकते हैं।

Published by Anuradha Kashyap

 How To Save Tulsi Plant: तुलसी का पौधा हर एक घर की जान होती है हर एक घर के आंगन में या गमले में तुलसी का पौधा जरूर मिलता है बल्कि तुलसी हमारे स्वास्थ्य पर तो पॉजिटिव इंपैक्ट डालती ही है आयुर्वेद में तुलसी को ‘सर्व औषधी’ कहा गया है तुलसी खुद में एक जड़ी बूटी की तरह काम करती है। इसके पत्ते सर्दी जुकाम खांसी और बाकी सारी बीमारियों में लाभकारी होते हैं मगर कई बार ऐसा होता है कि अगर हम तुलसी की देखभाल अच्छे से ना करें तो यह सुख जाती है और इसके काफी सारे कारण होते हैं।

तुलसी के पौधे के लिए सही मिट्टी और पानी का चुनाव करना होता है जरूरी है

तुलसी के पौधे को हेल्दी रखने के लिए उसमें मिट्टी और पानी की सही-सही मात्रा का होना काफी ज्यादा जरूरी होता है। तुलसी के गमले में हम दो तरह की मिट्टी डाल सकते हैं एक हिस्से में हम हल्की मिट्टी और दूसरे हिस्से में रेत वाली मिट्टी डाल सकते हैं ताकि पानी सही तरीके से निकल सके रोजाना सुबह हमें तुलसी के पौधों को हल्का पानी देना है और शाम को मिट्टी को सूखने देना बेहद जरुरी होता हैं। हमें तुलसी के पौधे को बैलेंस मात्रा में पानी देना चाहिए।

तुलसी के पौधे को रखने की जगह का चुनाव सोच समझ करना चाहिए 

तुलसी के पौधे को काफी अच्छी मात्रा में सूरज की रोशनी मिलना जरूरी होता है इस पौधे को हमें दिन में काम से कम 4 से 8 घंटे में सीधी धुप दिखाना जरुरी होता हैं रूम अगर उसे धुप न मिले तो जहां पर अच्छे से धुप उपलब्ध हो उस जगह रखें। अगर आप भी पौधा घर के अंदर रखते हैं तो कुछ समय के लिए आपको अपने पौधे को बालकनी या खिड़की के पास रख देना चाहिए ताकि सूरज की रोशनी मिलने से वो हरा भरा और मजबूत बनी रहें।

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तुलसी को पोषण देना और उसकी नियमित छंटाई करना होता है काफी ज्यादा जरूरी

पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए उसमें खाद और पोषण देना काफी ज्यादा जरूरी होता है तुलसी के लिए हमें जैविक खाद या फिर गोबर वाली खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा पौधों की हमें समय पर छंटाई करनी चाहिए और सुखी और मुरझाई हुई पत्तियों को तुरंत हटाकर अलग कर देना चाहिए और पौधे को एक सही आकार देना चाहिए।

Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है 

Anuradha Kashyap
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