प्रदूषण कर रहा दिमाग को खराब! याददाश्त कमजोर…बढ़ रहा डिप्रेशन, जानें बचाव के तरीके

Air Pollution Damage Brain : बढ़ता वायु प्रदूषण सेहत के लिए काफी ज्यादा खतरा बनता जा रहा है. प्रदूषण का असर अब केवल फेफड़ों तक ही सीमित नहीं रहा है. ये दिल से लेकर दिमाग तक नुकसान पहुंचा रहा है. आइए जानते हैं इससे कैसे बचा जा सकता है.

Published by Preeti Rajput

Air Pollution Damage Brain : 2026 के शुरुआत हुए काफी दिन बीत चुके हैं. लेकिन प्रदूषण का लेवल घटने की बजाए लगातार बढ़ता जा रहा है. बढ़ता प्रदूषण सेहत को कई तरीकों से नुकसान पहुंचा सकता है. इसका असर फेफड़ों पर ज्यादा होता है. लेकिन एक रिपोर्ट ने अब चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका की संस्था स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025 की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में प्रदूषण के कारण हो रही मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. जानकारी के मुताबिक, प्रदूषण का असर दिमाग पर काफी ज्यादा होता है. 

दिमाग पर भी पड़ता है असर

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदूषण में मौजूद छोटे कण यानी पीएम 2.5 के संपर्क में लंबे समय तक आने से ब्रेन के टिश्यू को खूब नुकसान हो रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पॉल्यूशन डिमेंशिया की बीमारी के खतरे को बढ़ा देता है. जिससे लोगों को याददाश्त पर भी काफी असर पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, पॉल्यूशन के कारण हर साल दुनियाभर में आठ मिलियन लोगों की मौत हो रही है.

Related Post

इन राज्यों में ज्यादा खतरा

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अधिक देखा जा रहा है. प्रदूषण के कारण गैर संक्रामक बीमारियां जैसे दिल से जुड़ी बीमारी, लंग की बीमारी और दिमाग पर असर. यह लंग्स कैंसर, डायबिटीद, डिमेंशिया का खतरा बढ़ा रहा है. एक दशक में वायु प्रदूषण के कारण दिल की बीमारी 27 फीसदी तक बढ़ जाती है. वहीं लोगों को पहले से अस्थमा, लंग्स इंफेक्शन जैसी बीमारी से पीड़ित हो उनकी परेशानी ज्यादा बढ़ रही है. बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर काफी ज्यादा देखने को मिलता है. 

दिमाग पर पड़ रहा असर

इस रिपोर्ट के मुताबिक, पॉल्यूशन से डिमेंशिया, अल्जाइमर तक का खतरा है. लोगों की यादादश्त काफी कमजोर होती जा रही है. बुजुर्गों पर इसका असर काफी अधिक देखने को मिलता है. प्रदूषण के कण सांस के जरिए सीधा शरीर के भीतर चले जाते हैं. इसके बाद यह खून में मिलकर बड़ी-बड़ी बीमारियों का कारण बन जाते हैं. यह कण सीधा ब्रेन टिस्यू में आ जाते हैं. साथ ही ब्रेन के फंक्शन पर भी बहुत असर डालते हैं. इससे लोगों की याददाश्त कमजोर होने के साथ फैसले लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. प्रदूषण ब्रेन फंक्शन पर असर डाल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, जिन इलाकों में प्रदूषण ब्रेन पर ज्यादा असर डालता है, वहां लोगों को दिमाग से जुड़ी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 

कैसे करें बचाव?

  • नाक और मुंह को ढककर रखें
  • बाहर जाते समय हमेशा मास्क लगाकर रखे.
  • गर्म पानी से गरारे करें.
  • दिन में एक-दो बार भाप लें, इससे सांस की नलियां साफ रहती हैं.
Preeti Rajput

Recent Posts

Sapna Choudhary: आखिर क्यों सपना चौधरी ने खा लिया था जहर, खुलासा सुन फैन्स भी रह गए थे हैरान…!

आज के समय में हरियाणवी इंडस्ट्री में किसी का नाम है तो वो है सपना…

January 23, 2026

डोनाल्ड ट्रंप के हाथों पर नीले निशान कैसे आए? गंभीर बीमारी की अटकलों पर राष्ट्रपति ने खुद बताई सच्चाई

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में…

January 23, 2026