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Yamunanagar News: यमुना नदी में फंसे युवक को 2 घंटे बाद बचाया, ड्रोन से भेजा मोबाइल, फिर किया रेस्क्यू

Yamunanagar News: यमुनानगर में रविवार को यमुना नदी में एक बड़ा हादसा टल गया, जब फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी 35 वर्षीय नूर अली बाढ़ के दौरान लकड़ियां निकालते समय नदी के बीचों-बीच फंस गए। ताजेवाला बैराज के पास यह घटना उस समय हुई, जब वे नदी में बहकर आई लकड़ियां इकट्ठा कर रहे थे।

Published by Mohammad Nematullah

देवी दास शारदा की रिपोर्ट, Yamunanagar News: यमुनानगर में रविवार को यमुना नदी में एक बड़ा हादसा टल गया, जब फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी 35 वर्षीय नूर अली बाढ़ के दौरान लकड़ियां निकालते समय नदी के बीचों-बीच फंस गए। ताजेवाला बैराज के पास यह घटना उस समय हुई, जब वे नदी में बहकर आई लकड़ियां इकट्ठा कर रहे थे। अचानक तेज बहाव और गहराई के कारण नूर अली फंस गए और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। इस स्थिति की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मिर्जापुर पुलिस को दी जानकारी

घटना की सूचना भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ग्रुप के तहसील अध्यक्ष सचिंद्र पवार ने मिर्जापुर पुलिस को दी। खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश प्रशासन सक्रिय हो गया और मौके पर बचाव दल रवाना किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सरसावा से हेलीकॉप्टर मंगाने की योजना भी बनाई। इस बीच बचाव दल ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नूर अली तक ड्रोन की मदद से मोबाइल फोन पहुंचाया ताकि उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा जा सके और उनका मनोबल टूटने न पाए। करीब दो घंटे तक चले इस राहत व बचाव अभियान में नदी के बहाव पर भी प्रशासन और स्थानीय लोग नजर रखे हुए थे। सौभाग्य से, कुछ समय बाद यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा। इससे बचाव दल को राहत मिली। पानी का बहाव कम होते ही मौके पर मौजूद दो साहसी युवकों ने ट्यूब लेकर नदी में उतरने का साहस किया। उन्होंने पूरी सावधानी बरतते हुए नूर अली तक पहुंच बनाई और उन्हें ट्यूब की मदद से सुरक्षित किनारे ले आए।

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करीब दो घंटे की मशक्कत और प्रयासों के बाद नूर अली की जान बचाई जा सकी। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद नूर अली ने सभी का धन्यवाद किया और बताया कि बाढ़ के दौरान लकड़ियां निकालना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। यमुना किनारे रहने वाले कई लोग नदी में बहकर आई लकड़ियों को बेचकर अपनी जीविका चलाते हैं, लेकिन यह कार्य जान जोखिम में डालकर किया जाता है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बाढ़ के समय नदी में उतरना बेहद खतरनाक है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर इस तरह के कार्य न करें। स्थानीय लोगों ने बचाव दल और उन युवकों की सराहना की, जिन्होंने साहस दिखाकर नूर अली की जिंदगी बचाई। यमुना के तेज बहाव के बीच घटित यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।

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