क्यों मुस्लिम औरतें पहनती हैं बुर्का, क्या कहता है इस्लाम? ऑस्ट्रेलिया संसद में गैर मुस्लिम के पहनने पर मचा बवाल

Australian Senate Burqa Controversy: बुर्का बैन करने को लेकर कई देशों में बहस चल रही है. यह बहस ऑस्ट्रेलिया में विवाद बन गई है, और इसे हवा मिलने का काम तब हुआ जब एक गैर-इस्लामिक महिला बुर्का पहन संसद पहुंची.

Published by Prachi Tandon

Public Face Covering Ban in Australia: ऑस्ट्रेलिया की संसद में सोमवार यानी 24 नवंबर को एक महिला बुर्का पहन पहुंची तो बवाल मच गया. बुर्का पहन संसद में पहुंचने वाली महिला आम नागरिक नहीं, बल्कि धुर कट्टरपंथी सीनेटर पॉलीन हैनसन थीं. पॉलिन हैनसन ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि, वह पब्लिक यानी सार्वजनिक स्थानों पर बुर्के और हिजाब पर बैन लाने वाले बिल को अनुमित नहीं मिलने पर नाराज थीं. अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए पॉलिन हैनसन संसद में बुर्का पहन आईं, जिसके बाद पक्ष और विपक्ष दोनों ने मिलकर सीनेटर की आलोचना की थी. इतना ही नहीं, पॉलिन हैनसन पर नसलवाद के आरोप लगाए गए और उन्हें सीनेट से सात दिनों के लिए सस्पेंड भी कर दिया गया. 

संसद में बुर्का क्यों पहनने पर मचा बवाल?

ऑस्ट्रेलिया की संसद में पॉलिन हैनसन के बुर्का पहनने पर बवाल मच गया है. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और दूसरे चेहरा ढकने वाले पहनावों पर प्रतिबंध लगाने का नियम लाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए संसद में बिल पास करने की मुहिम चल रही है. हालांकि, बिल को पास करने की अनुमति नहीं मिली है. सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और चेहरा ढकने वाले पहनावों पर बैन के बिल को अनुमति नहीं मिलने का विरोध जताने के लिए हैनसन संसद में बुर्का पहन पहुंची थीं. पॉलिन हैनसन के विरोध पर न्यू साउथ वेल्स राज्य की ग्रीन्स पार्टी की मुस्लिम सीनेटर महरीन फारुखी ने अपना गुस्सा जाहिर किया है. महरीन फारुखी का कहना था, यह एक नस्लभेदी सीनेटर हैं और खुला नस्लवाद दिखा रही हैं. 

फारुखी के अलावा वेस्ट ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र मुस्लिम सीनेटर फातिमा पेनन ने भी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने पॉलिन हैनसन की हरकत को शर्मनाक बताया है. 

संसद में बुर्का पहनने और विरोध पर क्या बोलीं पॉलिन हैनसन?

ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर ने बुर्का पहनने और संसद में इस पर विरोध को लेकर फेसबुक पर अपनी बात रखी है. सीनेटर पॉलिन हैनसन ने फेसबुक पर लिखा, अगर संसद इसे बैन नहीं करेगी, तो वह इस दमनकारी, उग्रवादी, गैर धार्मिक सिर ढकने वाले इस लिबास को सीनेट (संसद) में पहनेंगी, जो हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और महिलाओं के साथ गलत बर्ताव को बढ़ावा देता है. जिससे हर ऑस्ट्रेलियाई को पता लगे कि क्या दांव पर लगा है. इतना ही नहीं, पॉलिन हैनसन ने साथ ही कहा, अगर उन्हें पसंद नहीं है कि वह इसे (बुर्का) पहनें, तो बुर्का पर बैन लगाएं. 

क्यों मुस्लिम औरतें पहनती हैं बुर्का?

ज्यादातर मुस्लिम औरतें बुर्का या हिजाब पहने हुए दिख जाती हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों मुस्लिम औरतें बुर्का पहनती हैं. दरअसल, बुर्का एक ऐसा वस्त्र है जो महिलाओं को सिर से लेकर पैर तक, पूरी तरह से ढकता है. बुर्का पहनने को लेकर हर किसी के अपने विश्वास हैं, जिसमें से धार्मिक और सांस्कृतिक कारणों को सबसे अहम माना जाता है. इसके अलावा कुछ मुस्लिम महिलाओं का ऐसा मानना है कि बुर्का पहनने से गैर मर्द से पर्दा किया जा सकता है. इतना ही नहीं, यह भी माना जाता है कि पुरुषों की नजर से बचने और अपनी पवित्रता को बनाकर रखने के लिए बुर्का अहम होता है.

क्या इस्लाम में है बुर्का पहनने पर नियम?

कुरान में सीधे तौर पर बुर्का का जिक्र नहीं किया गया है. हालांकि, हिजाब के बारे में जरूर धार्मिक ग्रंथ में बताया गया है और कहा गया है कि यह सिर ढकने के लिए होता है. ऐसे में मुस्लिम महिलाएं इसे धार्मिक तौर पर देखती हैं. इस्लाम में महिलाओं को अपने शरीर के कुछ हिस्सों जैसे चेहरे, बाल और शरीर को सार्वजनिक तौर पर ढकने का निर्देश देता है. 

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कुरान में शरीर ढकने पर क्या लिखा है?

कुरान (24:31) सूरत अन-नूर में पुरुषों को शरीर में नाभि से लेकर घुटनों तक के हिस्सों को ढकने के लिए कहा गया है. साथ ही कपड़ों को ढीले-ढाले रखना होता है जिससे शरीर की बनावट दिखाई न दे. ऐसे में ज्यादातर मुस्लिम कमीज और पायजामा जैसे ढीले-ढाले वस्त्र पहनते हैं. वहीं, महिलाओं के लिए कुरान (24:31) सूरत अन-नूर में अपने पूरे शरीर में चेहरे, हाथ और पैरों को छोड़कर सभी हिस्सों को ढकने के लिए कहा गया है. 

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कहां से हुई बुर्का पहनने की शुरुआत?

बुर्का एक अरबी शब्द है और मौजूदा जानकारी के मुताबिक, 7वीं शताब्दी से प्रचलन में है. हालांकि, बुर्का शब्द का इस्तेमाल मूल रूप से जानवरों को ठंड से बचाने और पूरा शरीर ढकने वाले वस्त्र के रूप में किया जाता था. जानकारी के मुताबिक, बुर्का का इस्तेमाल सबसे पहले ईरान में किया गया था. इस्लाम के धार्मिक ग्रंथों में बुर्के का जिक्र नहीं मिलता है, लेकिन हिजाब शब्द का इस्तेमाल किया गया है. यही वजह है कि बुर्के को लेकर ऑस्ट्रेलिया से पहले कई देशों में विवाद हो चुका है. 

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बुर्का और हिजाब कितना है अलग?

हिजाब और बुर्के में कई लोगों को कंफ्यूजन हो सकता है. लेकिन, यह दोनों अलग हैं. बता दें, हिजाब एक तरह का स्कार्फ होता है, जिसे सिर, बाल और गर्दन ढकने के लिए पहना जाता है. हिजाब में चेहरा साफ दिखाई देता है. हालांकि, हिजाब को कई लोग नकाब समझ लेते हैं. हिजाब ज्यादातक मिडल ईस्ट, दक्षिण एशिया और यूरोप की मुस्लिम महिलाएं पहनती हैं. वहीं, बुर्का सिर से लेकर पैर तक कवर करता है. बुर्का में सिर्फ आंखों वाला हिस्सा खुला होता है. 

किन देशों में बैन हुआ है बुर्का?

बुर्का बैन की बहस कई देशों में चल रही है, जिसमें अब ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हो गया है. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया से पहले कजाकिस्तान में बुर्का बैन पर बहस छिड़ चुकी है. इसके अलावा स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, फ्रांस, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और बुलगारिया जैसे देशों में सार्वजनिक स्थलों पर बुर्का बैन का नियम लागू कर दिया गया है.

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