Categories: देश

कौन है वो ‘हैवान IPS’ जो छांगुर बाबा को कांख में दबाए था, लाल डायरी से कैसे निकला जिन्न? सामने आया सरकारी अधिकारियों का कांड

छांगुर बाबा पिछले दस सालों से बलरामपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय था। वह लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों को फंडिंग करता था और अपने समर्थकों से उनके पक्ष में वोट देने की अपील करता था।

Published by Ashish Rai

 IPS with Chhangur: अवैध धर्मांतरण का धंधा करने वाले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की मदद करने वाले सरकारी अफसरों पर शिकंजा कसने लगा है। छांगुर बाबा की राजनेताओं और अफसरों में गहरी पैठ थी। एटीएस को नीतू उर्फ नसरीन के कमरे से एक लाल डायरी मिली है। इसमें कई राजनेताओं के नाम हैं, जिन्हें छांगुर बाबा ने विधानसभा चुनाव के दौरान मोटी रकम दी थी। उतरौला निवासी एक पूर्व आईपीएस को विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी थी। यह पुलिस अफसर समय-समय पर छांगुर बाबा को पुलिस मदद भी मुहैया कराता था।

छांगुर बाबा पिछले दस सालों से बलरामपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय था। वह लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों को फंडिंग करता था और अपने समर्थकों से उनके पक्ष में वोट देने की अपील करता था। तहसील क्षेत्र में वह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को भी प्रभावित कर रहा था।

पहले चीखें…फिर सन्नाटा, ‘खूनी गुड़िया’ ने ली इस शख्स की जान! एनाबेल डॉल को लेकर घूम रहे रिवेरा की खूंखार मौत

Related Post

पूर्व प्रत्याशी को 90 लाख रुपये की थी मदद

बताया जा रहा है कि छांगुर बाबा ने उतरौला के एक पूर्व प्रत्याशी को 90 लाख रुपये दिए थे, लेकिन वह चुनाव नहीं जीत सका। बताया जाता है कि छांगुर ने धर्मांतरण के लिए लोगों को तैयार करने की ज़िम्मेदारी रमज़ान को दी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, साल 2024 में उसकी मौत हो गई। एटीएस को रमज़ान नाम के एक और व्यक्ति के बारे में भी सूचना मिली। नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील उतरौला इलाके में अवैध धर्मांतरण और देश विरोधी गतिविधियों का एक मज़बूत जाल बुना गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से छांगुर अपने साम्राज्य का विस्तार करता रहा।

छांगुर चुनावों को प्रभावित करने लगा था: पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा

पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा का कहना है कि छांगुर अब चुनावों को भी प्रभावित करने लगा था। उसकी अपील का मतदान पर असर पड़ता था। छांगुर के करीबी बब्बू खान ने बताया कि छांगुर के एक पूर्व आईपीएस अधिकारी से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। अवैध धर्मांतरण के खेल में उसे पुलिस अधिकारी का पूरा संरक्षण भी मिलता रहा है। अपनी पहुँच के बल पर वह समय-समय पर छांगुर को कार्रवाई से बचाता रहा। उसकी मदद से छांगुर अपनी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के साथ दो महीने तक पुलिस और एटीएस को चकमा देकर लखनऊ में रहा। यही अधिकारी लखनऊ में छांगुर के लिए वकीलों की एक टीम भी उपलब्ध करा रहा था।

ब्रिटिश संसद में पहली बार हनुमान चालीसा की गूंज, धीरेंद्र शास्त्री के साथ सनातन में डूबे नजर आएं विदेशी सांसद और अधिकारी, वायरल हो रहा है वीडियो

Ashish Rai

Recent Posts

Delhi Government: डीटीसी की 50 नई एसी बसें दिल्ली से वैष्णो देवी, खाटू श्याम और अयोध्या तक शुरू, जानें पूरा प्लान

Delhi Government: दिल्ली सरकार तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों-कटरा (वैष्णो देवी), खाटू श्याम और अयोध्या-तक अंतर-राज्यीय…

March 16, 2026

Rajya Sabha elections: राज्यसभा के लिए चुने गए नीतीश कुमार, कब छोड़ेंगे सीएम पद! एनडीए ने जीती पांचों सीटें

Bihar Rajya Sabha elections: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए चुनाव में…

March 16, 2026

Kerala BJP First List: केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की 47 उम्मीदवारों की पहली सूची, यहां देखें पूरी लिस्ट

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर…

March 16, 2026

This is test 2

This is test 2

March 16, 2026