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What is TCS: केंद्रिय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने साल 2026-27 का बजट पेश किया है. इस बजट में दवाइयों, मोबाइल, ईवी बैटरी और खेल सामान को सस्ता किया गया है. इसके अलावा टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं. चलिए उन पर नजर डाल लेते हैं.
विदेशी यात्रा और शिक्षा पर TCS में कटौती
एक और लोगों के लिए फायदेमंद घोषणा में, बजट में विदेशी टूर पैकेज पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (Tax Collected at Source) को पहले के 5% और 20% स्लैब से घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है. इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए शुरुआती लागत काफी कम हो जाएगी और उम्मीद है कि इससे आउटबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा.
शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस में भी घटाया गया
इसी तरह, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस पर TCS को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है, जिससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो विदेश में शिक्षा और गंभीर मेडिकल ज़रूरतों के लिए पैसे भेजते हैं और ऐसे समय में कैश फ्लो में सुधार होगा जब वैश्विक लागतें ज़्यादा बनी हुई हैं.
क्या होता है TCS?
TCS का मतलब है टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स, जो सेलर बिक्री के समय खरीदार से लेता है. लिबरलाइज़्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) या इंटरनेशनल ट्रैवल के तहत, ऑथराइज़्ड डीलर या टूर ऑपरेटर नियमों का पालन सुनिश्चित करने और ज़्यादा कीमत वाले विदेशी खर्चों को ट्रैक करने के लिए यह टैक्स लेते हैं.
यह एक एडवांस टैक्स है, जिसका मतलब है कि टैक्सपेयर फाइनेंशियल ईयर के आखिर में रिफंड क्लेम कर सकते हैं या इसे अपनी कुल इनकम टैक्स लायबिलिटी के मुकाबले एडजस्ट कर सकते हैं.