West Bengal Elections 2026: बंगाल की लड़ाई दिन-पर-दिन दिलचस्प होती जा रही है. बुधवार को बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की अपनी तीसरी लिस्ट में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप और हत्या की शिकार हुई लड़की की माँ, रत्ना देबनाथ को पानीहाटी से अपना उम्मीदवार घोषित किया. इस तरह, पार्टी ने उस शोकाकुल माँ को औपचारिक रूप से चुनावी मैदान में उतार दिया है.
एक प्रेस रिलीज़ में, पार्टी ने बताया कि उसकी केंद्रीय चुनाव समिति ने विधानसभा चुनावों के लिए 19 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट को मंज़ूरी दे दी है, जिसमें रत्ना देबनाथ को विधानसभा क्षेत्र संख्या 111, पानीहाटी से मैदान में उतारा गया है.
‘न्याय पाने के मकसद से किया चुनाव लड़ने का फैसला’
इससे पहले, रत्ना देबनाथ ने कहा था कि वह अपनी बेटी के लिए “न्याय सुनिश्चित करने” और पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लड़ने के मकसद से चुनाव लड़ना चाहती हैं. उन्होंने पिछले हफ़्ते कहा था, “मेरी बेटी की नृशंस हत्या को काफ़ी समय बीत चुका है. लंबे समय तक चले आंदोलनों और संघर्ष के बावजूद, हमें अभी तक न्याय नहीं मिला है. मैंने अपनी बेटी के लिए न्याय पाने के मकसद से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है.”
चुनावी राजनीति में शामिल होने पर उठ रहे सवाल
कई कार्यकर्ताओं और जानी-मानी हस्तियों ने इस फ़ैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और इस मामले के राजनीतिक मोड़ लेने पर चिंता ज़ाहिर की. विरोध करने वाली कुछ आवाज़ों ने कहा कि वे न्याय मिलने में हो रही देरी को लेकर परिवार की हताशा को समझती हैं, लेकिन उन्होंने चुनावी राजनीति में शामिल होने के इस फ़ैसले पर सवाल उठाए. वहीं, कुछ अन्य लोगों का कहना था कि जवाबदेही तय होने का लंबा इंतज़ार शायद परिवार को राजनीति के ज़्यादा सीधे रास्ते की ओर ले गया हो. हालाँकि, बुधवार को बीजेपी की ओर से की गई आधिकारिक घोषणा से यह साफ़ हो गया है कि पार्टी ने पानीहाटी से रत्ना देबनाथ को ही अपना उम्मीदवार बनाने का फ़ैसला किया है.
बीजेपी की तीसरी लिस्ट में 19 नाम
पार्टी की विज्ञप्ति के अनुसार, पानीहाटी में रत्ना देबनाथ के अलावा, भाजपा की तीसरी सूची में कूचबिहार दक्षिण, रायगंज (एससी), इस्लामपुर, हेमताबाद (एससी), इंग्लिश बाजार, शांतिपुर, हावड़ा मध्य, उत्तरपारा, सिंगूर, चंदननगर, चुंचुरा, हरिपाल, तमलुक, मेदिनीपुर, पुरबस्थली दक्षिण, कटवा, सैथिया (एससी) और नलहटी जैसे निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार शामिल हैं. आरजी कर मामले के भावनात्मक महत्व और पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा और न्याय को लेकर छिड़ी व्यापक बहस को देखते हुए, देबनाथ की उम्मीदवारी आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण राजनीतिक ध्यान आकर्षित करने की संभावना है.

