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UGC New Rules: सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नियमों पर लगाई रोक, कहा- केंद्र कमेटी बनाए, इसकी भाषा में स्पष्टता नहीं

UGC New Rules: सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है.

Published by JP Yadav

UGC New Rules: विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission of India) ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशन 2026’ पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने अहम सुनवाई के दौरान UGC को झटका देते हुए कहा कि इन नियमों की भाषा में स्पष्टता नहीं है. ऐसे में इनके दुरुपयोग की संभावना है. इस अहम टिप्पणी के साथ केंद्र सरकार को नियमों में सुधार लाने और इस बाबत एक कमेटी गठित करने का  भी निर्देश सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिया गया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, छात्रों के बीच भेदभाव के खिलाफ दायर PIL पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए UGC के नियमों पर रोक लगा दी. इस दौरान यानी सुनवाई के दौरान जहां चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि देश जातियों के जंजाल से आजादी के 75 साल बाद भी नहीं निकल पाया है. अन्य जज ने इस बात का भी जिक्र किया कि अमेरिका में एक दौर में श्वेत और अश्वेत छात्रों को अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाना पड़ता था. 

केंद्र सरकार बनाए कमेटी

गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर केंद्र सरकार को एक कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया. PIL पर अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट आगामी 13 मार्च, 2026 को करेगा.  इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब 2012 के नियम फिर से लागू होंगे. अपनी टिप्पणी में कोर्ट ने कहा कि रेगुलेशन में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं वह अस्पष्ट हैं. इससे ऐसा लगता है जैसे इस रेगुलेशन का दुरुपयोग किया जा सकता है. वहीं, सुनवाई में शामिल एक अन्य जस्टिस बागची का कहना है कि हम समाज में एक निष्पक्ष और समावेशी माहौल बनाने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब 3 E पहले से मौजूद है, तो 2C  कैसे प्रासंगिक हो जाता है?

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क्या है याचिकाकर्ता की मांग

यूजीसी के रेगुलेशन को याचिकाकर्ता ने रद्द किए जाने की मांग की. सुप्रीम कोर्ट में दायर PIL में इस पर तुरंत रोक लगाए जाने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर हमें इजाजत मिले तो इससे बेहतर रेगुलेशन बनाकर दे सकते हैं. वहीं, इसपर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए CJI सूर्य कांत ने कहा कि  हम चाहते है कि कुछ कानूनविदों की कमेटी इसपर विचार करें.साथ ही तुषार मेहता से कहा कि कुछ प्रतिष्ठित लोगों की एक कमेटी बनाने पर विचार हो. वह इस पर विचार करे और बात हो कि समाज बिना किसी तरह के विभाजन के साथ आगे बढ़ सके और सभी मिलकर विकास कर सके.

JP Yadav
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