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LORA Missile Deal : भारतीय वायुसेना की बढ़ने वाली है ताकत, मित्र देश देगा ये खतरनाक हथियार…इस्लामाबाद से लेकर चीन के शिनजियांग तक सब कुछ इसकी जद में

LORA Missile Deal : LORA यानी लॉन्‍ग रेंज ऑर्टिलरी (Long Range Artillery) मिसाइल इजरायली कंपनी इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने डेवलप किया है और ये एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है। इस खबर के सामने आने के बाद चीन-पाक की नींद उड़ना संभव है।

Published by Shubahm Srivastava

LORA Missile Deal : ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाक के काफी अंदर बने आतंकी ठिकानों पर बम बराकर उन्हें तबाह कर दिया था। भारत के इस कदम से पड़ोसी देश पाकिस्तान के होश उड़ गए थे। अब इसी कड़ी में दूसरे के घर में घुसकर मारने वाली पॉलिसी को लेकर भारत ने अब बड़ा कदम उठाया है। असल में इंडियन एयरफोर्स की आन-बान और शान सुखोई-30MKI फाइटर जेट को नई ताकत मिलने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के साथ अब LORA मिसाइल भी तैनात होगी। 

LORA यानी लॉन्‍ग रेंज ऑर्टिलरी (Long Range Artillery) मिसाइल इजरायली कंपनी इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने डेवलप किया है और ये एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है। इस खबर के सामने आने के बाद चीन-पाक की नींद उड़ना संभव है। 

 रिपोर्टों के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी 400 से 430 किलोमीटर की लंबी रेंज, सटीक निशाना लगाने की क्षमता और अपेक्षाकृत कम लागत है। LORA को ज़मीन, जहाज़ या मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है, जिससे यह बेहद लचीली है। इस मिसाइल की CEP (Circular Error Probability) 10 मीटर से भी कम है, यानी यह लक्ष्य के बेहद करीब गिरती है।

क्या होता है CEP?

सीईपी को आप इस तरह समझ सकते हैं कि जब कोई मिसाइल किसी लक्ष्य पर दागी जाती है, तो वह हर बार टार्गेट पर नहीं गिरती। मान लीजिए किसी मिसाइल को 100 बार दागा जाता है, तो सीईपी वह रेडियस है जिसमें 50% मिसाइलें गिरती हैं। यानी अगर किसी मिसाइल का सीईपी 10 मीटर है, तो इसका मतलब है कि 50% बार वह मिसाइल अपने लक्ष्य से अधिकतम 10 मीटर के दायरे में ही गिरेगी।

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भारतीय वायुसेना को मिलेगा सुपर स्ट्राइक ट्रायो

LORA के शामिल होने से भारत की ताकत काफी बढ़ जाएगी। ब्रह्मोस पहले से ही भारत की स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक कैपेसिटी का अहम हिस्सा है, जो 290 से 450 किमी की रेंज तक सुपरसोनिक स्पीड से दुश्मन को तबाह कर सकती है। वहीं जब इसे सुखोई में तैनात किया जाए तो इसकी ताकत और भी ज्यादा बढ़ जाती है। 

अब अगर इसमें LORA जैसी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली को शामिल करने की योजना है, तो यह संयोजन एक घातक तिकड़ी बन जाता है। ब्रह्मोस में दुश्मन के कमांड और कंट्रोल केंद्र को पल भर में तबाह करने की क्षमता है। LORA बेहद सटीकता के साथ गहरे लक्ष्यों पर निशाना साध सकता है। और सुखोई-30 की तेज़ गति, लंबी उड़ान और बड़ी पेलोड क्षमता इसे एक उड़ने वाला स्ट्राइक प्लेटफ़ॉर्म बनाती है।

ईरान-इजरायल जंग में दिखी LORA की ताकत

LORA मिसाइल की क्षमता हाल ही में हुए इज़राइल-ईरान संघर्ष में देखने को मिली, इजराइल ने अपनी सेना को जमीन पर उतारे बिना, लोरा जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों से ईरान के अंदर सटीक हमले किए। अगर LORA को सुखोई बेड़े में तैनात किया जाता है, तो यह उसे पाकिस्तान के इस्लामाबाद, कराची से लेकर चीन के ल्हासा, शिनजियांग तक हमला करने की क्षमता प्रदान करेगा। यानी अब भारत के पास न केवल जवाबी कार्रवाई करने की, बल्कि पहले हमला करने की भी शक्ति होगी।

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