Categories: देश

सोनम वांगचुक की पत्नी ने दायर की संशोधित अर्जी, कहा – असहमति को दबाने की कोशिश; सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र से जवाब

SC On Ladakh violence: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की नजंरबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा.

Published by Shubahm Srivastava

Sonam Wangchuk NSA: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को लद्दाख के प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की नजंरबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है. यह याचिका वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने दायर की है. मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी.

सरकार द्वारा असहमति को दबाने की कोशिश – पत्नी गीतांजलि

संशोधित याचिका में कहा गया है कि वांगचुक की नजरबंदी राजनीतिक प्रतिशोध और असहमति को दबाने की कोशिश है, न कि सार्वजनिक व्यवस्था या सुरक्षा के लिए किसी वास्तविक खतरे पर आधारित. अंगमो ने अदालत को बताया कि उनके पति एक सम्मानित शिक्षाविद और पर्यावरणविद् (environmentalist) हैं जो शांतिपूर्ण तरीके से अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सरकार द्वारा असहमति को दबाने के उद्देश्य से की गई है.

गिरफ्तारी से पहले हुई कई कार्रवाई

याचिका में यह भी कहा गया है कि उनकी गिरफ्तारी से पहले, वांगचुक और उनके एनजीओ के खिलाफ कई कार्रवाई की गई थी—जिनमें उनका विदेशी चंदा प्रमाणपत्र (एफसीआरए) रद्द करना, भूमि पट्टे रद्द करना, सीबीआई जांच और आयकर विभाग की जांच शामिल है.

प्रदूषण ने कोविड-19 को भी छोड़ा पीछे, भारत में निगली 17 लाख लोगों की जिंदगी; देश में मचा हड़कंप

Related Post

कार्रवाई बदले की भावना से प्रेरित – याचिका

सितंबर 2025 में लेह हिंसा के बाद वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था. याचिका में इस कार्रवाई को “पूरी तरह से अनुचित और बदले की भावना से प्रेरित” बताया गया है. याचिका में कहा गया है कि वांगचुक, जिन्होंने तीन दशकों से भी अधिक समय से शिक्षा, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपने काम के लिए भारत और विदेशों में पहचान बनाई है, को अचानक राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया.

याचिका में यह भी कहा गया है कि वांगचुक के खिलाफ दर्ज पांच प्राथमिकियों में से तीन में कोई विशिष्ट आरोप नहीं थे, चौथी में हिंसा का कोई उल्लेख नहीं था, और पांचवीं 24 सितंबर को हुई हिंसा से संबंधित थी.

SIR 2.0: आधार, फॉर्म 6 और जरुरी दस्तावेज़! बिहार में विवाद के बाद नए SIR में क्या-क्या बदला, यहाँ पढ़ें आपके काम की पूरी खबर

Shubahm Srivastava
Published by Shubahm Srivastava

Recent Posts

Viral Video: वर्दी की बेइज्जती! गार्ड को नचवाया, बेल्ट-डंडों से की पिटाई; वायरल हुआ शर्मनाक वीडियो

Viral Video: छत्तीसगढ़ से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आ रहा है. दरअसल,…

March 6, 2026

Social Media Ban: FB-Insta और अन्य सोशल मीडिया नहीं देख पाएंगे 16 साल के कम उम्र के बच्चे, सरकार कर रही तैयारी

Social Media Ban: कर्नाटक सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल…

March 6, 2026

Papamochani Ekadashi 2026: कब है पापमोचनी एकादशी 14 या 15, जानें पूजा विधि और मुहूर्त

Papamochani Ekadashi 2026: मार्च 2026 में पापमोचनी और कामदा एकादशी हैं. भक्त इस दिन व्रत…

March 6, 2026

Salman Khan: भाईजान का Aura! सेट पर 10 घंटे लेट पहुंचे थे सलमान, इंतजार करते-करते भड़क उठी ये को-स्टार

Salman Khan: सलमान खान सिर्फ़ अपने ऑन-स्क्रीन ऑरा और मैजिक के लिए ही नहीं जाने…

March 6, 2026

विरोधियों ने तलाश ली सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी कमजोरी, क्या फाइनल में कप्तान बनेंगे विलेन?

Suryakumar Yadav T20 World Cup 2026: सूर्यकुमार यादव की अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में छोड़…

March 6, 2026