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Rajendra Bharti case: मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार से जुड़े एक गंभीर मामले में दोषी ठहराया गया है. दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को सुनाए गए फैसले में उन्हें वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोपों में दोषी माना है. यह मामला उस समय का है जब वे दतिया भूमि एवं कृषि विकास बैंक के अध्यक्ष पद पर कार्यरत थे.
वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का मामला
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला भूमि एवं कृषि विकास बैंक से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों और धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित है. आरोप है कि बैंक के कामकाज के दौरान अनियमितताएं की गईं और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की गई. इस मामले की सुनवाई लंबे समय से दिल्ली की विशेष अदालत में चल रही थी. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राजेंद्र भारती ने साजिश रचकर बैंक से जुड़े कार्यों में धोखाधड़ी की और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया. कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 और 471 (जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने व उपयोग करने) के तहत दोषी करार दिया है.
तिहाड़ जेल भेजने के निर्देश, सजा का ऐलान बाकी
फैसले के बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए विधायक को न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. वहीं, इस मामले में सजा का ऐलान गुरुवार को किया जाएगा, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. यह मामला काफी समय से लंबित था और दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में इसकी सुनवाई जारी थी. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विस्तृत जांच के बाद यह फैसला सुनाया.
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रहा है, जबकि विधायक के समर्थक इस फैसले को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. आने वाले दिनों में सजा के ऐलान और संभावित कानूनी कार्रवाई के चलते यह मामला और अधिक चर्चा में रह सकता है. माना जा रहा है कि इस फैसले का प्रदेश की राजनीति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है.