PNG Gas Connection: देश में रसोई गैस संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया है. मंत्रालय की तरफ से जारी आदेशों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के घर पाइप वाली रसोई गैस कनेक्शन है, उन्हें अब LPG सिलेंडर नहीं दिया जाएगा. जिन उपभोक्ताओं के पास PNG कनेक्शन और LPG सिलेंडर दोनों है, उन्हें अब अपने एलपीजी को बाय-बाय कहना होगा. रसोई गैस डीलरों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए है. डीलर्स का कहना है कि जिनके पास पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जाएगा.
इस वजह से लिया फैसला
देश के कई शहरों में पाइपलाइन के जरिए उपभोक्ताओं के घरों में पीएनजी गैस की सप्लाई होती है.इनमें कई परिवार ऐसे हैं, जिनके पास पीएनजी कनेक्शन और एलपीजी सिलेंडर दोनो है. इस समय देशभर में एलपीजी के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं. जिसको देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है. सरकार का कहना है कि रसोई गैस की जमाखोरी पर अब कड़ा एक्शन लिया जाएगा. साथ ही सरकार ने यह भी दावा किया कि देश में एलपीजी सिलेंडर के भंडार में कोई कमी नहीं है.
गैस बुकिंग में हुआ इजाफा
देश भर में करीब 60 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनके पास PNG कनेक्शन उपलब्ध है. इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि LPG बुकिंग में भारी उछाल आया है, जिसका मुख्य कारण घबराहट है. इरान, ईराक और अमेरिका के युद्ध शुरु होने से पहले औसत बुकिंग 55.7 लाख थी, वहीं अब यह बढ़कर 75.7 लाख हो गई है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि लोग PNG कनेक्शन लें, क्योंकि इससे LPG पर पड़ने दबाव कम किया जा सकें. सरकार ने कहा कि बचे हुए LPG सिलेंडरों को अन्य उपभोक्ता क्षेत्रों में उपयोग के लिए भेजा जा सकता है, जिन क्षेत्रों में PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है.
सरकार ने की अपील
बता दें कि, ईरान-इजरायल और अमेरिका के युद्ध का असर रसोई गैस सप्लाई पर पड़ रहा है. देश के कई राज्यों से सिलेंडरों की कालाबाजारी के भी मामले सामने आ रहे हैं. सरकार ने लोगों से गुहार लगाई है कि रसोई गैस को लेकर पैनिक न हो. एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला आपूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं.

