EPF claim: कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ नौकरीपेशा लोगों की बचत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. यह वह पैसा है जो कर्मचारी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जमा किया जाता है और जरूरत पड़ने पर मेडिकल इमरजेंसी, घर की जरूरत या नौकरी छोड़ने के बाद निकाला जा सकता है. हालांकि कई बार लोग पीएफ निकालने के लिए क्लेम डालते हैं, लेकिन उनका आवेदन रिजेक्ट हो जाता है. ऐसे में कर्मचारियों को चिंता होने लगती है कि आखिर उनका पैसा क्यों अटक गया. विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकतर मामलों में पीएफ क्लेम किसी बड़ी तकनीकी समस्या की वजह से नहीं बल्कि छोटी-मोटी जानकारी में गलती होने के कारण रुक जाता है. अगर कारण सही तरीके से समझ लिया जाए तो इसे आसानी से ठीक कर दोबारा क्लेम किया जा सकता है.
किन वजहों से रिजेक्ट होता है पीएफ क्लेम
जब भी किसी कर्मचारी का पीएफ क्लेम रिजेक्ट होता है तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से मैसेज या पोर्टल के जरिए कारण बताया जाता है. इसलिए सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आवेदन किस वजह से खारिज हुआ है. अक्सर बैंक खाते की गलत जानकारी क्लेम रिजेक्ट होने का बड़ा कारण बनती है. यदि बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड गलत दर्ज हो जाए तो सिस्टम पैसा ट्रांसफर नहीं कर पाता और क्लेम रद्द हो जाता है. इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड और यूएएन पोर्टल पर दर्ज नाम, जन्मतिथि या जेंडर में अंतर होने पर भी क्लेम अटक सकता है. कई बार कर्मचारी के आधार कार्ड का UAN से लिंक न होना भी आवेदन को प्रोसेस होने से रोक देता है.
नौकरी से जुड़ी जानकारी भी होनी चाहिए सही
पीएफ क्लेम रिजेक्ट होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि कंपनी ने पोर्टल पर कर्मचारी के नौकरी छोड़ने की तारीख अपडेट नहीं की हो. जब तक यह जानकारी सही तरीके से दर्ज नहीं होती, तब तक सिस्टम क्लेम को आगे नहीं बढ़ाता. इसी तरह यदि कोई कर्मचारी पेंशन से जुड़ा फॉर्म 10C भरता है, तो उसके लिए कम से कम छह महीने की नौकरी जरूरी होती है. इससे कम अवधि होने पर यह क्लेम भी रिजेक्ट हो सकता है.
क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें
अगर पीएफ क्लेम खारिज हो गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले ईपीएफओ पोर्टल पर जाकर क्लेम का स्टेटस चेक करें और रिजेक्शन का कारण समझें. यदि नाम, बैंक डिटेल या अन्य जानकारी में गलती है तो उसे तुरंत पोर्टल पर अपडेट करें. सभी कमियां ठीक करने के बाद कर्मचारी फिर से नया क्लेम आवेदन कर सकता है. अगर सभी जानकारी सही होने के बावजूद क्लेम प्रोसेस नहीं हो रहा है तो कर्मचारी EPFiGMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकता है या नजदीकी ईपीएफओ कार्यालय में संपर्क कर सकता है.
पीएफ पैसा निकालने की ऑनलाइन प्रक्रिया
पीएफ का पैसा निकालना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. इसके लिए कर्मचारी को ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने UAN नंबर और पासवर्ड से लॉग-इन करना होता है. लॉग-इन करने के बाद डैशबोर्ड पर “ऑनलाइन सेवाओं” विकल्प चुनें और वहां से Claim (Form-31, 19, 10C & 10D) पर क्लिक करें. इसके बाद बैंक खाता नंबर दर्ज कर उसे वेरीफाई करें और “ऑनलाइन दावा करने के लिए आगे बढ़ें” विकल्प चुनें. फिर “मैं आवेदन करना चाहता/चाहती हूँ” में अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनकर जितनी राशि निकालनी है उसे दर्ज करें. अंत में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को भरकर फॉर्म सबमिट कर दें.
सही जानकारी से बच सकती है परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है कि पीएफ क्लेम करते समय सभी दस्तावेज और जानकारी सही होना बेहद जरूरी है. अगर कर्मचारी अपने आधार, पैन, बैंक डिटेल और नौकरी से जुड़ी जानकारी को पहले ही अपडेट रखता है तो क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना काफी कम हो जाती है. सही प्रक्रिया अपनाकर पीएफ का पैसा आसानी से निकाला जा सकता है.

