सुंदरगढ़ , ओडिशा से अक्षय महाराणा की रिपोर्ट
Odisha: सुंदरगढ़ ज़िले के कुतरा ब्लॉक में हाथियों का खतरा एक बार फिर गहराता दिखाई दे रहा है। कई दिनों तक शांत रहने के बाद अब जंगलों से निकलकर हाथियों का झुंड रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ आया है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 23 जंगली हाथियों का दल बीते कुछ दिनों से लगातार गांवों में घूम रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भारी दहशत फैल गई है।
रात होते ही हाथी गांवों में चहल-कदमी करने लगते हैं
जानकारी के मुताबिक, यह झुंड नूआगांव और लुहारापड़ा होते हुए कई बस्तियों से होकर गुज़रा है। फिलहाल हाथियों को कुलसर क्षेत्र के पास देखा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, हाथी गांवों में दाखिल होकर खेतों और घरों के आसपास चहल-कदमी करने लगते हैं। इस वजह से लोग न खेती के लिए जा पा रहे हैं और न ही रात में बाहर निकलने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं।
किसानों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि धान की फसल तैयार होने लगी है और हाथियों के झुंड से फसलों को भारी नुकसान होने का खतरा है।
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लाउडस्पीकर के जरिए लगातार अलर्ट जारी
वन विभाग की टीमें लगातार इलाके में डेरा डाले हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है और उनकी लोकेशन की जानकारी तुरंत जुटाई जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और लाउडस्पीकर के जरिए लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा है।
इसके साथ ही वनकर्मियों की टीमें हाथियों को आबादी से दूर जंगल की ओर मोड़ने के लिए रात्रि गश्त भी कर रही हैं। जरूरत पड़ने पर पटाखे और अन्य सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करके हाथियों को भगाया जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आमद ने उनकी दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। बच्चे शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकल पा रहे और बुजुर्ग तो खेतों तक जाने में भी डर महसूस कर रहे हैं। कई परिवारों ने बताया कि रातभर नींद नहीं आती क्योंकि हर समय डर रहता है कि कहीं हाथी घरों में घुस न जाएं।
सुंदरगढ़ में हाथियों की बढ़ती आवाजाही से यह साफ है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर रूप ले रहा है। जहां ग्रामीण अपनी सुरक्षा और फसलों को लेकर चिंतित हैं, वहीं वन विभाग भी लगातार जद्दोजहद कर रहा है कि इंसानों और हाथियों के बीच किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

