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Gold Price Today 15 april 2026: सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन हलचल देखने को मिल रही है. वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं और भू-राजनीतिक तनाव के चलते इंटरनेशनल मार्केट में कीमती धातुओं के दाम प्रभावित हुए हैं. इसका असर भारतीय बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है.
इंटरनेशनल मार्केट में सोनाकी चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड की कीमतों में तेजी दर्ज की गई और यह शुरुआती कारोबार में बढ़कर करीब 4855 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया. इससे पहले भी सोने में 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई थी. वहीं COMEX सिल्वर भी उछाल के साथ 79 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंची. हालांकि बाजार में मुनाफावसूली के कारण चांदी में कुछ दबाव भी देखने को मिल रहा है.
भारत में सोने के दाम में हल्की तेजी
घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है. राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹10 महंगा होकर ₹1,54,090 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. वहीं 22 कैरेट सोना भी ₹10 बढ़कर ₹1,41,260 प्रति 10 ग्राम हो गया है. हालांकि पिछले दो दिनों के आंकड़ों को देखें तो 24 कैरेट सोना ₹1480 और 22 कैरेट ₹1360 तक सस्ता भी हुआ है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
देश के बड़े शहरों में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट (₹) | 22 कैरेट (₹) | 18 कैरेट (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,54,090 | 1,41,260 | 1,15,610 |
| मुंबई | 1,53,940 | 1,41,110 | 1,15,460 |
| कोलकाता | 1,53,940 | 1,41,110 | 1,15,460 |
| चेन्नई | 1,55,140 | 1,42,210 | 1,18,660 |
| बेंगलुरु | 1,53,940 | 1,41,110 | 1,15,460 |
| हैदराबाद | 1,53,940 | 1,41,110 | 1,15,460 |
| लखनऊ | 1,54,090 | 1,41,260 | 1,15,610 |
| पटना | 1,53,990 | 1,41,160 | 1,15,510 |
| जयपुर | 1,54,090 | 1,41,260 | 1,15,610 |
| अहमदाबाद | 1,53,990 | 1,41,160 | 1,15,510 |
वैश्विक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और असफल वार्ता ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है. हालांकि बातचीत की संभावनाएं खुलने से सोने को सपोर्ट मिला है, लेकिन चांदी पर फिलहाल दबाव बना हुआ है. ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संकेत ही कीमतों की दिशा तय करेंगे.