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FASTag New Rules: 1 फरवरी से बदल जाएंगे ये नियम, वाहन चालकों को मिलेगा फायदा; यहां जानें सारी जानकारी

Fastag New Rules: NHAI ने कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए जारी होने वाले नए फास्टैग पर (KYV) प्रक्रिया को बंद करने का फैसला लिया है.

By: Shubahm Srivastava | Published: January 30, 2026 9:26:27 PM IST



Fastag New Rules 1 February: फास्टैग (FASTag) का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है. 1 फरवरी से फास्टैग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसका सीधा असर निजी वाहन चालकों पर पड़ेगा. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए जारी होने वाले नए फास्टैग पर Know Your Vehicle (KYV) प्रक्रिया को बंद करने का फैसला लिया है.
इस बदलाव का उद्देश्य फास्टैग यूजर्स को बार-बार होने वाली देरी और पोस्ट-एक्टिवेशन की परेशानियों से राहत देना है.

KYV प्रक्रिया लंबी और जटिल 

अब तक फास्टैग खरीदने के बाद KYV को पोस्ट-एक्टिवेशन वेरिफिकेशन के रूप में लागू किया जाता था. इसका मकसद वाहन की जानकारी की पुष्टि करना था, लेकिन व्यवहार में यह प्रक्रिया अक्सर लंबी और जटिल साबित होती थी. कई मामलों में, वैध दस्तावेज जमा करने के बावजूद यूजर्स को बार-बार फॉलो-अप करना पड़ता था, जिससे फास्टैग के इस्तेमाल में देरी होती थी. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए NHAI ने यह कदम उठाया है.

1 फरवरी से बदलेंगे नियम 

1 फरवरी से लागू होने वाले नए नियम के तहत कारों के लिए जारी नए फास्टैग पर KYV की जरूरत नहीं होगी. यह नियम फिजिकल पॉइंट ऑफ सेल (POS) और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म—दोनों से खरीदे गए फास्टैग पर समान रूप से लागू होगा. इसका मतलब यह है कि अब वाहन मालिक बिना किसी अतिरिक्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया के, फास्टैग को जल्दी और आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे.
 
इतना ही नहीं, पहले से जारी पुराने फास्टैग के लिए भी KYV को नियमित रूप से कराने की बाध्यता खत्म कर दी गई है. हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में KYV की जरूरत पड़ सकती है. उदाहरण के लिए, अगर गलत फास्टैग जारी हुआ हो, टैग खराब या ढीला हो, या फिर फास्टैग के गलत इस्तेमाल का संदेह हो, तब KYV प्रक्रिया कराई जा सकती है.

नए सिस्टम के तहत ऐसे होगा काम

नए सिस्टम के तहत अब बैंक फास्टैग एक्टिवेशन से पहले ही वाहन की पूरी जांच करेंगे. इसके लिए वाहन की जानकारी को पहले वाहन डेटाबेस से मिलाया जाएगा. अगर वहां डेटा उपलब्ध नहीं होता है, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के आधार पर वेरिफिकेशन किया जाएगा. ऑनलाइन फास्टैग खरीदने वाले यूजर्स पर भी यही नियम लागू होगा.
 
यह बदलाव फास्टैग यूजर्स के लिए एक राहत भरा कदम है, जिससे टोल प्लाज़ा पर निर्बाध यात्रा और बेहतर यूज़र अनुभव सुनिश्चित किया जा सकेगा.

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