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ED News: फिर बुरा फंसा एल्विश यादव, सलाखों के पीछे काटनी पड़ेगी रातें! यूट्यूबर ने कर दिया बड़ा कांड

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने सिंगर राहुल यादव उर्फ ​​फाजिलपुरिया (Fazilpuria), और यूट्यूबर एल्विश यादव (Elvish Yadav) के खिलाफ चार्जशीट पेश की है.

Published by Divyanshi Singh

Elvish Yadav: एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने सिंगर राहुल यादव उर्फ ​​फाजिलपुरिया (Fazilpuria), और यूट्यूबर एल्विश यादव (Elvish Yadav) के खिलाफ चार्जशीट पेश की है. इन पर अपने वीडियो कंटेंट में गैर-कानूनी तरीके से प्रोटेक्टेड वाइल्डलाइफ को शामिल करने का आरोप है. यह मामला मार्च 2024 में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों ने एक म्यूजिक वीडियो शूट में सांप और एक इगुआना को शामिल करके वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन किया.

वीडियो में दिखाई गई प्रोटेक्टेड स्पीशीज

ED की जांच से पता चला कि फाजिलपुरिया के म्यूजिक वीडियो 32 बोर और यादव के व्लॉग फाजिलपुरिया भाई के शूट पे रशियन से मुलाकात हो ही गई में प्रोटेक्टेड स्पीशीज का इस्तेमाल किया गया था. कहा जाता है कि 32 बोर वीडियो से यूट्यूब ऐड रेवेन्यू में लगभग $1,477 (₹1.24 लाख) की कमाई हुई, जिसे गूगल ने स्काई डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया, जो फाजिलपुरिया के म्यूजिक और ऑनलाइन कंटेंट को मैनेज करने वाली कंपनी है.

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ED ने ₹52 लाख की संपत्ति अटैच की

कथित गैर-कानूनी कमाई से मिले पैसे को रिकवर करने के लिए, ED ने करीब ₹52 लाख की संपत्ति अटैच की है. इसमें फाजिलपुरिया की खेती की ज़मीन, स्काई डिजिटल में ₹1.24 लाख का फिक्स्ड डिपॉजिट और यादव के भी फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे ₹84,000 शामिल हैं.
एजेंसी ने कहा कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के सेक्शन 2(1)(u) के अनुसार, अगर क्रिमिनल कमाई भारत के बाहर रखी जाती है, तो अधिकारी देश के अंदर या इंटरनेशनल लेवल पर उतनी ही कीमत की प्रॉपर्टी ज़ब्त कर सकते हैं.

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यादव का कानून से पहले का सामना

यह पहली बार नहीं है जब यादव वाइल्डलाइफ से जुड़े किसी विवाद में फंसे हैं. इस साल की शुरुआत में, उन्हें नोएडा पुलिस ने नोएडा स्नेक वेनम केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. यह केस वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 और इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 120B के तहत क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के लिए रजिस्टर किया गया है. गिरफ्तारी के एक दिन बाद, यादव ने कथित तौर पर अपने जुर्म कबूल कर लिए थे. एक हफ़्ते बाद उन्हें ₹50,000 के बेल बॉन्ड पर ज़मानत मिल गई.

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