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JEE Advanced 2026: देवदत्ता माझी ने रचा इतिहास, 312 अंकों के साथ बनीं महिला टॉपर

जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) के हाल के ही नतीजों में देवदत्ता माझी (Devdutta Majhi) ने बाजी मार सभी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता (Parents) के साथ-साथ अपने शिक्षकों (Teacher) को भी दिया है.

By: DARSHNA DEEP | Published: January 11, 2026 12:10:03 PM IST



Success Story of Devdutta Majhi topped in JEE Advance: जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) के हाल के ही नतीजों में पश्चिम बंगाल की रहने वाली देवदत्ता माझी ने इतिहास रचकर सभी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बाद जेईई एडवांस्ड में 360 में से 312 अंक हासिल कर पूरे देश में 6वीं रैंक (AIR 16) हासिल की है. दरअसल, वह ऐसा करने वालीं इस साल लड़कियों की श्रेणी में नेशनल टॉपर बन गई हैं.  पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली देवदत्ता अब वे IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहती हैं. 

देवदत्ता माझी की शिक्षा 

दरअसल, देवदत्ता माझी एक बेहद ही साधारण परिवार से तालुक रखती हैं. उनके पिता एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और माता एक गृहिणी (HouseWife) हैं. तो वहीं, उन्होंने ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से पूरी की है. इसके साथ ही वे बचपन से ही शैक्षणिक कार्यों (Educational Functions) में भी काफी आगे भी रहीं हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने शिक्षकों को भी दिया है, जिन्होंने उनके साथ-साथ कभी हार नहीं मानी. 

कैसे की जेईई की तैयारी?

देवदत्ता की सफलता का राज़ उनकी निरंतरता (Consistency) और मेहनत और लगन है. उन्होंने रटने के बजाय गणित और भौतिकी के जटिल सिद्धांतों को समझने पर विशेष ध्यान दिया. इसके साथ ही वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे लगातार पढ़ाई करती थीं. इसके अलावा, जेईई एडवांस्ड के पैटर्न को समझने के लिए उन्होंने अनगिनत मॉक टेस्ट दिए और अपनी गलतियों को सुधारने की भी कोशिश की. तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बना ली, ताकि पढ़ाई के दौरान उनका ध्यान न भटक सके. 

भविष्य के बारे में योजना 

देवदत्ता का सपना हमेशा से देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे में पढ़ने का रहा है. जहां से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) करना चाहती हैं. तो वहीं, उनका मानना है कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वे तकनीकी नवाचार (Innovation) के जरिए समाज में बदलाव लाना चाहती हैं. उनकी इस कहानी से सभी युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए, अगर मन में करने का लगन हो तो आप दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकते हैं. 

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